एलएनएमयू: वरिष्ठ शिक्षक एवं सीनेट सदस्य अशोक कुमार बच्चन निलंबित।

दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्रातकोत्तर अंग्रेजी विभाग में कार्यरत वरिष्ठ शिक्षक डॉ. अशोक कुमार बच्चन को आज निलंबित कर दिया गया. श्री बच्चन विश्वविद्यालय सिनेट के सदस्य के साथ-साथ वित्त समिति के भी सदस्य है. कुलपति प्रो. साकेत कुशवाहा ने अपने पावर का उपयोग करते हुए यह निर्णय लिया है. इससे पहले 28 जुलाई 2016 को अनुशासन समिति की बैठक में कारवाई की अनुशंसा की गई थी और आज कुलपति के आदेश के बाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अजीत कुमार सिंह ने इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी. अधिसूचना के मुताबिक निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय आरसीएस कॉलेज, मझौल, बेगूसराय निर्धारित किया गया है. इन पर कार्य में लापरवाही और सेवा संहिता में गड़बड़ी का प्रथमदृष्टया आरोप प्रमाणित हो चुका है. ये तो रही अधिसूचना की बात. सबसे बड़ी बात है कि विश्वविद्यालय में कितने कुलपति आये और गये पर बड़ी से बड़ी गलतियां करने पर भी रसुख वालों पर कारवाई नहीं होती थी. यह भी सच्चाई है कि प्रो. कुशवाहा ने जिन-जिन शिक्षक या शिक्षाकर्मी का निलंबन किया है वे सारे के सारे रसुख वाले है और विश्वविद्यालय में इनकी तूंती हर क्षेत्र में बोलती थी. इतना ही नहीं इनमें से कईयों को तो राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त था और अब भी प्राप्त है. अब तक निलंबित किये गये लोगों की सूची देखें, तो उनमें विश्वविद्यालय अभियंता सोहन चौधरी, पूर्व कुलसचिव और भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. विजय प्रसाद सिंह, सीएम साइंस कॉलेज के वरीय शिक्षक डॉ. अशोक कुमार झा, प्रधानाचार्य संघ के अध्यक्ष डॉ. देव चन्द्र चौधरी, प्रधानाचार्य संघ के महासचिव डॉ. मुश्ताक अहमद, विश्वविद्यालय महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रक्षेत्रीय मंत्री विनय कुमार झा, मनोविज्ञान विभाग के वरिष्ठ शिक्षक व दूरस्थ शिक्षा के तत्कालीन निदेशक डॉ. एस.सी. मिश्रा का नाम सूची में अब तक शामिल हो चुका है. सूत्र बताते है कि यह सिलसिला आगे और जारी रहेगा. आरोपियों के विरूद्ध जांच का कार्य अंतिम दौर में है.

