
कार्य में शिथिलता को लेकर बिरौल के कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण, वेतन स्थगित।

दरभंगा : लोक शिकायत निवारण अधिनियम 215 के तहत जिला स्तरीय कार्यालय में जून माह तक 88 प्रतिशत मामले का निष्पादन किया जा चुका है. पर बिरौल अनुमंडल में यह कार्य धीमी गति से चल रहा है. जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने कार्य में तेजी लाने और स्थिति में सुधार करने का आदेश दिया है. जिलाधिकारी आज समाहरणालय सभा कक्ष में जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर रहे थे. अधिकृत रूप से दी गई जानकारी के अनुसार जून माह के सिर्फ 39 मामले लंबित है, जिसके बाद जिलाधिकारी ने नोडल पदाधिकारियों को निदेश दिया कि वे संबंधित विभाग से सम्पर्क कर सभी मामलों का निष्पादन करावें. समीक्षा में सदर अनुमंडल की स्थिति इस बार सबसे बेहतर रही. यहां 93 प्रतिशत मामले का निष्पादन हुआ. वहीं बेनीपुर अनुमंडल कार्यालय का भी 85 प्रतिशत का आंकड़ा रहा, पर बिरौल अनुमंडल में यह घटकर 63 प्रतिशत पर रहा. यहां जिलाधिकारी ने सुधार की बात कही. जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय एवं अन्य कार्यालयों से प्राप्त परिवाद पत्र को विषय-वस्तु को अच्छी तरह समझकर ही जांच प्रतिवेदन एवं निष्पादन की कारवाई करें. इतना ही नहीं जिलाधिकारी से अनुमोदन लेने के बाद ही वेबसाईट पर अपलोड करें. जिलाधिकारी ने अवर निबंधन पदाधिकारी को भू-अर्जन द्वारा अर्जित की गई जमीन के ब्योरा को उपलब्ध कराने का निदेश दिया. वहीं कार्य में शिथिलता और बिना सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहने के कारण ग्रामीण कार्य विभाग बिरौल के कार्यपालक अभियंता का वेतन स्थगित करते हुए उनसे स्पष्टीकरण पूछने का निदेश दिया. वहीं सरकार के सात निश्चयों के कार्यक्रम की समीक्षा भी की गई. इसके साथ-साथ अन्य विभागों की भी समीक्षा की गई. बैठक में उप विकास आयुक्त विवेकानन्द झा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी जेड. हसन, अनुमंडल पदाधिकारी और डीसीएलआर सदर, बिरौल और बेनीपुर आपदा प्रबंधन पदाधिकारी रविन्द्र कुमार दीवाकर, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी कन्हैया कुमार सहित संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे.

