
चाइल्डलाइन वर्कर ने मुक्त कराया बाल बंधुआ मजदूर को, धावा दल एवं श्रम आयुक्त पर कार्यकता ने लगाया लापरवाही का गंभीर आरोप।

दरभंगा: सिमरी थाना क्षेत्र से भराठी गाँव से चाइल्डलाइन वर्कर मनोहर झा ने आज सिमरी थाना की मदद से पिछले कई वर्षो से काम कर रहे एक लगभग तेरह वर्षीय बालक को मुक्त कराया। सिमरी थाना के तीन चौकीदारों के साथ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मो0 कमरे आलम के समक्ष प्रस्तुत करने के उपरांत श्री झा ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व स्थानीय ग्रामीण ने 1098 पर इस बाल श्रमिक की सूचना दी थी। जांचोपरांत मामला सत्य पाया गया और सबन्धित विभाग को कारवाई हेतु लिखा गया। करीब चार माह पूर्व धावा दल के रूप मे आराधना कुमारी और श्रम आयुक्त गए भी थे पर रेसक्यू नही किए। उन्होने इस कार्यकर्ता को ही उल्टे बताया कि बच्चा के माँ बाप का ठिकाना नही है, खा पी रहा है तो बिना मतलब रेसक्यू क्यूँ करें। फिर भी श्री झा ने हार नहीं मानी और मानवाधिकार कार्यकर्ता सुरेन्द्र भगत की सहायता से अंततः आज बच्चे को मुक्त करवा लिया है। बच्चे के बारे मे बताया कि वर्षो पहले भटका हुआ ये बच्चा एक व्यक्ति ने काम करने हेतु भराठी गाँव के एक निवासी के यहाँ रख दिया था। ये बच्चा खुद को पटना का रहने वाला बताता है और पिता डोमा प्रसाद सिंह रिक्शा चलाते थे और माँ बेबी देवी ईंट भट्ठा मे राख़ डालने का काम करती थी। ये दो भाई और दो बहन है। इसके अलावा इसे कुछ याद नही है। यह अपने माँ-बाप के पास जाना चाहता है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मो0 कमरे आलम ने बताया कि जब तक इसके माँ बाप का पता नही चल जाता है, इसे बाल गृह मे रहने की इजाजत दे दी गयी है। यदि चाइल्ड लाइन या पुलिस द्वारा लिखित शिकायत मिलती है तो सभी दोषी पक्षों पर विधि सम्मत कारवाई की जाएगी।

