
विशेष: क्या आज के दिन भी आजादी का मतलब हाकिमो केलिए जनता को परेशान करना है?

दरभंगा।अभिषेक कुमार
लहेरियासराय नेहरू स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस की तैयारी का माहौल था। सुबह करीब साढ़े आठ बजे का समय था। केएम टैंक मोड़ से पानी टँकी के तरफ जाने वाले रोड पर अचानक ट्राफिक इंस्पेक्टर की जीप ने बैक टर्न लिया और स्टेडियम की तरफ वाले रास्ते में सायरन बजाते हुए रुख मोड़ लिया। वहाँ खड़े ट्राफिक के सिपाहियों ने सड़क को ब्लॉक करके सारी गाड़ियों को रोक दिया। लगा जैसे पल भर में अचानक क्या हो गया। तब लोगो ने देखा कि उनके जिला के मालिक ( सेवक वाला नजारा तो नही ही दिखा) जिलाधिकारी की गाड़ी के साथ साथ दो चार अन्य मातहतों की गाड़ियां भी गुजरी। जबतक इनकी गाड़िया पूरी तरह गुजर नही गयी, सड़क पर यातायात थम गया। जबकि उस रोड सामान्यतया भी कोई ज्यादा भीड़ भाड़ नही रहता जिस कारण इतना हाई अलर्ट देने की जरूरत हो। फिर भी दिया गया। अब इस तरह का विशेष सुविधा स्वतंत्रता दिवस पर जनता को न देकर जनता के मालिकों को देना पुलिस का अपना दिखावा मात्र करना था या ये मालिकों का ही दिया दिशा निर्देश था, पता नही चला आमलोगों को। पर इस अनावश्यक घटनाक्रम से लोगों के बीच चर्चा जरूर शुरू हुई कि आजादी मिलने के बाद आज भी मालिक जनता है या हाकिम।

