Home मुख्य हीरा पासवान हत्याकांड: मृतक के पिता ने की आईजी से मुलाकात, सौंपा आवेदन, पुलिस जांच पर उठाये गंभीर सवाल।
मुख्य - August 16, 2016

हीरा पासवान हत्याकांड: मृतक के पिता ने की आईजी से मुलाकात, सौंपा आवेदन, पुलिस जांच पर उठाये गंभीर सवाल।

heera father

दरभंगा: बलबीर चौधरी

बहुचर्चित हीरा पासवान हत्याकांड में प्रशासन के रवैये से नाराज हीरा पासवान के पिता ज्ञानचंद पासवान ने आज दरभंगा प्रक्षेत्र के आईजी से मिलके एक आवेदन सौंपा. संवाददाता से बातचीत करते हुए हीरा पासवान के पिता ने बताया की आज घटना को 62 दिन हो गए लेकिन प्रशासन मामले को धरातल में पहुचने की कोशिश ही कर रही है. ये पूछे जाने पर की उन्होंने किस चीज के लिए आईजी से मुलाकात की, उन्होंने कहा की कई शिकायत है जिन बिन्दुओ की जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। इसी सिलसिले में वो आईजी से मिले. उन्होंने कहा की 14 जून को मेरे पुत्र की हत्या की जाती है, उस दिन जब मैंने बयान दिया की मनीगाछी के राजद विधायक ललित यादव ने मेरे पुत्र की हत्या करवाई है तो पुलिस कहती है की उनका नाम मत दीजिये वरना केस ख़राब हो जायेगा. मेरे बार बार कहने के बावजूद भी उसने विधायक ललित यादव का नाम नहीं डाला. जब मीडिया के जरिये ये बात जोर पकड़ी की मृतक के पिता तो विधायक का नाम दे रहे तो पुलिस आखिर क्यों बचा रही है? तब जाके मेरा, मेरी बहु मुन्नी देवी व अन्य गवाहों का विडियो के जरिये बयान खुद DSP दिलनवाज अहमद  और मब्बी ओपी थानाध्यक्ष कुंदन कुमार ने लिया. मुझे शंका है की उस विडियो वाले बयान को भी छिपाया गया. हलाकि उस वक़्त का विडियो मेरे पास भी है जिसका सीडी आज मैंने आईजी को सौंपा. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं की मैं किसी राजनितिक पार्टी के कहने पे ललित यादव का नाम दे रहा था, वो कई बार मेरे बेटे को धमकी भी दिए चुके थे. जो लोग हत्या में शामिल थे उसमे से छोटू झा और संजीव सिंह का विधायक ललित यादव के यहाँ आना जाना था. आखिर कम से कम पुलिस को विधायक को जांच के दायरे में तो लाना चाहिए था. उन्होंने पुलिस पर गंभीर सवाल उठाते हुवे कहा कि अन्य मर्डर के पोस्टमार्टम में वक़्त लगता है, लेकिन मेरे बेटे की हत्या हुई तो पोस्टमार्टम में इतनी जल्दबाजी क्यों की? दूसरी बात थानाध्यक्ष कहते हैं की आरोपी को पकड़ने के लिए दिन रात एक किये हैं पर हकीकत ये है की एक मुख्य आरोपी संजीव सिंह को हमलोग पकड़ के पुलिस के हवाले किये, और दुसरे मुख्य आरोपी में से एक छोटू झा पुलिस के नाक नीचे सरेंडर कर दिया.
मृतक के पिता ने कहा कि पुलिस जांच पड़ताल किस तरह कर रही है आखिर? पुलिस ने संजीव सिंह और छोटू झा को एक साथ रिमांड में क्यों लिया? आखिर लिया ही तो पहले छोटू झा का अलग से पूछताछ करने के बाद दोनों को आमने सामने करना चाहिए था. उन्होंने कहा की हमलोग क़ानून का सम्मान करते हैं इसलिए अभी तक आस लगये हुये हैं, पर जब एसएसपी से मिलने हमलोग गए तो मीटिंग की बात कहके उन्होंने पूरा दिन बिता दिया लेकिन नहीं मिले. किस चीज की मीटिंग और क्यों, उनको मेरे बेटे की हत्या के आरोपी को गिरफ़्तारी और जांच में लिए मीटिंग करना चाहिए.
उन्होंने भावुक होते हुये कहा कि मेरा बेटा कैसा था वो मुझसे नहीं मेरे गांव वाले से पूछिए. हर किसी की मदद करता था वो, किसी का बुरा नहीं करता था. पर उसे क्या मिला? कम से कम निष्पक्ष जांच करके मुझे न्याय तो दीजिये. ये पूछे जाने पर कि अगर ऐसा ही रहा तो आपका अगला कदम क्या होगा ? तो उन्होंने कहा कि ये तो गलत है न सर. अगर ऐसा रहा तो मैं अपने सारे परिवार के साथ यहीं अनशान पर बैठ जाऊंगा.

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