Home मुख्य एलएनएमयू परिसर के तालाबों का नामाकरण मिथिला के विद्वानों के नाम से।
मुख्य - August 17, 2016

एलएनएमयू परिसर के तालाबों का नामाकरण मिथिला के विद्वानों के नाम से।

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दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. साकेत कुशवाहा की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय सिण्डीकेट की बैठक में आज ऐतिहासिक निर्णय लिया गया. निर्णय के तहत विश्वविद्यालय परिषद् में अवस्थित तालाबों का नामाकरण मंडन मिश्र से लेकर राजा सलहेश, महाराजा कामेश्वर सिंह से लेकर कामसुन्दरी के अलावे मिथिला के मुर्धन्य विद्वारों के नाम से नामाकरण किया गया. बैठक में कुलपति प्रो. कुशवाहा के ढ़ाई साल के बेदाग कार्यकाल और विकासोन्मुख विश्वविद्यालय को लेकर सदस्यों ने धन्यवाद प्रस्ताव पास किया. सनद रहे कि पूर्व के कार्यकाल में विश्वविद्यालय घोटाला और अराजकता को लेकर चर्चा में रहता था. पर वर्त्तमान कुलपति के ढ़ाई साल के कार्यकाल में वित्तीय घोटाले के एक भी मामले सामने नहीं आये. अब यही कारण है कि सिण्डीकेट ने बैठक में कुलपति के कार्यशैली की सराहना की. आज की बैठक में आर.के. कॉलेज, मधुबनी के प्रधानाचार्य रमेश यादव के विरूद्ध राजभवन द्वारा वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए बनी तीन सदस्यीय कमिटी की अधिसूचना भी सिण्डीकेट ने कर दी. प्रति-कुलपति की अध्यक्षता में वित्तीय परामर्शी और कॉलेज निरीक्षक विज्ञान डॉ. अजीत कुमार चौधरी इसके सदस्य होंगे. इसके अलावे सिनेट सदस्य ए.के. बच्चन के निलंबन के प्रस्ताव पर भी सिण्डीकेट ने मुहर लगा दी. एक और ऐतिहासिक निर्णय हुआ कि पूर्व छात्र समिति का गठन को सिण्डीकेट ने अपनी मुहर लगा दी. इस कमिटी के लिए कुलपति ने सबसे पहले पूर्व में ही 2500 रूपये का सहयोग राशि दिये थे. वहीं सिण्डीकेट सदस्य डॉ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने भी पहले 25000 का चेक जमा करा दिया था और आज प्रो. विनोद कुमार चौधरी ने 11000 का चेक सौंपा. वहीं सिण्डीकेट सदस्य डॉ. नीलमा ठाकुर, डॉ. अजीत कुमार चौधरी ने भी शीघ्र ही स्थायी सदस्यता के लिए राशि जमा करने की बात कही. इसके अलावे वित्त समिति अनुशासन समिति में लिये गये निर्णय को सिण्डीकेट ने स्वीकृति दे दी. इसके अलावे विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा रखे गये सभी प्रस्तावों पर सिण्डीकेट ने मुहर लगा दी. बैठक में कुलपति प्रो. कुशवाहा के अलावे प्रति-कुलपति प्रो. सैयद मुमताजुद्दीन, डॉ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू, प्रो. विनोद कुमार चौधरी, डॉ. अजीत कुमार चौधरी, डॉ. एन.के. अग्रवाल, डॉ. के.पी. सिन्हा, कुलसचिव डॉ. अजीत कुमार सिंह सहित संबंधित सदस्य मौजूद थे.

 

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