
किरतपुर प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को लेकर ग्रामीणों का हंगामा।
दरभंगा: अलीनगर प्रखंड क्षेत्र के किरतपुर प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन और विद्यालय को 4 किलोमीटर दूर शिफ्ट किए जाने के फैसले के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को महिनाम-ठेंगहा मुख्य सड़क पर पांच घंटे जाम लगा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि छोटे-छोटे बच्चों को इतनी दूर पढ़ने भेजना संभव नहीं है, इसलिए प्रशासन जल्द से जल्द नया भवन बनवाए।

छात्र बाल-बाल बचे
पिछले सप्ताह विद्यालय परिसर का बरामदा अचानक गिर पड़ा। संयोग से उस समय बच्चे मध्याह्न भोजन कर उठे ही थे, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि, कक्षा 5 का छात्र आयुष कुमार इस हादसे में मामूली रूप से घायल हो गया। घटना से ग्रामीणों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई।

प्रशासन ने विद्यालय किया शिफ्ट
घटना की जानकारी मिलते ही बीडीओ परमानन्द प्रसाद और सीओ कुमार शिवम मौके पर पहुंचे। तत्काल निर्णय लेते हुए विद्यालय को पास के मध्य विद्यालय गोसवा में अस्थायी रूप से शिफ्ट करने का आदेश दिया गया। बीईओ रामकुमार ठाकुर ने पत्र जारी कर गोसवा विद्यालय में दो कमरे उपलब्ध कराने और दोनों विद्यालयों के शिक्षकों के सहयोग से पठन-पाठन चालू रखने का निर्देश दिया।

15 साल पहले भी लौटी थी राशि
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन की स्थिति वर्षों से दयनीय बनी हुई है। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता है। कई बार विभाग को पत्र लिखने के बावजूद भवन का निर्माण शुरू नहीं हुआ। करीब 15 साल पहले भवन निर्माण के लिए राशि उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से भवन नहीं बन सका और राशि विभाग को वापस लौटानी पड़ी।

1952 में स्थापित इस विद्यालय में साठ के दशक में दो कमरे का भवन बना था, जो अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार भवन बिना पिलर का बना है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल
स्थानीय लोग इस बात से भी नाराज हैं कि इसी गांव से जिला परिषद सदस्य सुनीता यादव और बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सह जिलाध्यक्ष शंभू यादव जैसे प्रतिनिधि आते हैं। दोनों इसी विद्यालय के पूर्व छात्र हैं, लेकिन अब तक भवन निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।
आक्रोशित ग्रामीण बोले – “4 किलोमीटर दूर बच्चों को भेजना संभव नहीं”
मुखिया प्रतिनिधि रंजन यादव ने कहा कि “हम वर्षों से भवन निर्माण की मांग कर रहे हैं। पिछले साल हमें आश्वासन दिया गया कि तीन महीने में भवन बना दिया जाएगा, लेकिन अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ। छोटे-छोटे बच्चों को 4 किलोमीटर दूर पढ़ने भेजना किसी भी तरह संभव नहीं है। अगर कोई हादसा होता है तो जिम्मेदारी किसकी होगी?”
छात्र राजन कुमार ने बताया कि “हम लोग पढ़ाई कर रहे थे तभी अचानक भवन का पाया गिर गया। सभी बच्चे और शिक्षक डर के मारे बाहर भाग गए।” वहीं प्रभारी प्रधानाध्यापक रिजवान अहमद ने कहा कि “पिछले 10 वर्षों से हम विभाग को पत्र लिखते आ रहे हैं। भवन की स्थिति बच्चों और शिक्षकों की जान के लिए खतरा है।”
आश्वासन पर खत्म हुआ जाम
जाम स्थल पर पहुंचे बीडीओ परमानन्द प्रसाद, सीओ कुमार शिवम, बीईओ रामकुमार ठाकुर और मुखिया प्रतिनिधि रंजन यादव ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि भवन निर्माण प्रक्रिया तेज करने की दिशा में पहल होगी।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे पुनः उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

