
पुलिस वाले ने पांच रुपये शौचालय उपयोग शुल्क मांगने पर 10 साल के मासूम को पीटा।

दरभंगा: सिविल कोर्ट गेट पर ड्यूटी में तैनात बीएमपी के चार जवानों ने आज एक 10 वर्षीय मासूम की पिटाई महज इसलिए कर दी क्योंकि उसने शौचालय उपयोग करने पर एक जवान से पांच रुपये की मांग कर दी। आईजी कार्यालय के सामने नवनिर्मित डीलक्स शौचालय की देख रेख ठेकेदार के अंदर रह कर एक विकलांग चाय दुकानदार करते हैं। संयोगवश वह कहीं बाहर निकले तो उनका दस वर्षीय पुत्र वहां था जब बीएमपी के चार जवान वहां पहुंचे। उनमे से एक जवान शौचालय उपयोग करके निकला तो इस मासूम ने उनसे पांच रुपया शुल्क मांग लिया। इसपर उसने कहा कि वे लोग पुलिस वाले हैं और पैसा नही देते हैं। पर मासूम ने कहा कि उसके पिताजी ने कहा है सबसे पैसा लेने को। इसलिए पैसा देना पड़ेगा। बस फिर क्या था, तड़ातड़ चार झापड़ कस कर रसीद दिया। मासूम गिर गया और अचेत होते होते बचा। तबतक आसपास के लोग ये सब देख भागने का प्रयास कर रहे सिपाहियों को घेरा। सिपाही इल्जाम लगाने लगे कि बच्चे ने गाली दिया इसलिए मारे। जब लोगों ने पूछा कि भला ये बच्चा पुलिस वाले को गाली क्यों देगा तो अपनी बात बदलते हुए कहने लगे कि पर्स भूल गये थे और पैसा लेने टावर पर चलने को कहे तो बच्चे ने बदसलूकी की और कह दिया कि भीख नही मांग रहे। परंतु लोगों को यह बात नही पची कि चार जवानों में से किसी के पास पाँच रुपये नही था। खुद को फंसते देख जवानों ने बच्चे के समर्थन में आये लोगों को धमकाना ही शुरू कर दिया कि अभी एसपी साहब को कह देंगे तो सबको बन्द कर दिया जाएगा। संयोगवश एक मीडियाकर्मी एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता सुरेंद्र भगत भी वहां पहुंच गए। तत्काल उनके कोर्ट गेट के पास बैठे बॉस अशोक पासवान ने मामले को शांत कराते हुए बच्चे को पांच रुपये दे दिया। ध्यान देने की बात यह भी कि चारों जवानों में से किसी ने नेमप्लेट भी वर्दी पर नही लगाया था।

