
वेतन न मिलने के कारण मरने के हालात में पहुँच गया ग्रामीण पुलिस। Voice of Darbhanga

हायाघाट। ज़ाहिद अनवर
पुलिस को समाज में एक रक्षक और प्रहरी के रूप में जाना जाता है। इनके कांधो पर देश और समाज के लॉ एंड आर्डर को बनाये रखने की बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी होती है। पर्व हो या कोई और अवसर सभी जगहों पर अपने परिवार को छोड़ कर ड्यूटी निभाने के काम को ये बखूबी अंजाम देते है। उसके बावजूद अगर खाने और परिवार के भरण पोषण के लिए वेतन समय से न मिले तो खुद का और बाल बच्चो का क्या हाल हो सकता है आप इसका अंदाजा लगा सकते है। ऐसे ही एक मामला हायाघाट प्रखंड के एपीएम थाना अंतर्गत एक चतुर्थवर्गीय कर्मचारी फुलेशर पासवान के पुत्र चैकीदार हरी पासवान का सामने आया है। इनके परिजनों ने बताया कि पिछले 6 महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण भुखमरी की स्थति हो गयी है। परिवार में छोटे छोटे बच्चे है जिनका पैसा नहीं मिलने के कारण उसकी पढाई भी बंद करना पड़ा। अभी हालात ये है कि पिछले एक सप्ताह से लगातार बीमार है और पैसे के अभाव में इलाज़ नहीं करा पा रहे है। बीमारी के कारण मरने के जैसी हालात हो गयी है। यदि इसको कुछ हो जाता है तो आखिर इसका जिम्मेवार कौन होगा ? सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से इनलोगो के वेतन की राशि का आवंटन हो चूका है परंतु इनलोगो का अभी तक वेतन भुगतान नहीं हो पाया है। उनके परिजन ने बताया कि आगे का इलाज को इसलिए रोक कर रखे हुए है की वेतन मिले तो इलाज कराये। इस बात की पुष्टि चौकीदार दफादार संघ के अंचल अध्यक्ष श्री विनोद पासवान, सचिव सुखदेव पासवान, कोषाध्यक्ष श्याम पासवान, चौकीदार लक्ष्मी दास, लुखा पासवान, जयशंकर मिश्र और रामबली पासवान ने किया है साथ ही साथ अपने उच्च अधिकारियों से वेतन देकर उक्त कर्मचारी के जान बचाने का आग्रह भी किया है। विदित हो की उक्त चौकीदार हरि पासवान का इलाज फिलहाल संघ की ओर से आपस में चंदा कर के किया जा रहा है।

