
विभागीय निकम्मेपन के कारण एक साल बाद ही बन्द होने के कगाड़ पर पहुँचा हायाघाट का अकराहा पुल।

दरभंगा । अभिषेक कुमार
कई वर्ष तक प्रक्रियाओं एवं बाधाओं से गुजर कर लहेरियासराय – हायाघाट केलिए लाइफ लाइन के रूप में काम करने वाला अकाराहा पुल करेह नदी पर बना। इससे पहले प्रखंड का आधा भाग नाव के सहारे मुख्यालय पहुँचने को बाध्य रहता था। पर लगता है विभागीय निकम्मेपन और उस पर प्रशासनिक उदासीनता के कारण फिर से यह लाइफलाइन कहीं बन्द न हो जाए। अकराहा घाट पर पुल का पहुंच पथ पुल से लगातार अलग होता जा रहा है और बारिश के कारण इसकी रफ़्तार भी बढ़ गयी है। धीरे-धीरे खाई बढ़ती जा रही है और विभाग पूरी तरह बेखबर बना हुआ है। अगर समय रहते विभाग नहीं चेता तो एक बडी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसका असर पुल पर भी पड़ेगा और यह बेकार साबित होने लगेगा। पुल के दोनों ओर एप्रोच पथ की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। बाइक चालकों सहित अन्य वाहन चालकों को भी वाहन को लेकर चलाना खतरे से खाली नहीं है। वाहन चालकों को हमेशा डर समाया रहता है कि कहीं वाहन पहुंच पथ के किनारे व सडक में बने गड्ढे में न फंस कर दुर्घटनाग्रस्त हो जाए। लोगों को रात में भी डर लगा रहता है कि कोई वाहन इस गड्ढे में न फंस जाए।

