
असामाजिक तत्वों के संरक्षक कुलपति ने मिथिला विवि में बनाया अराजकता का माहौल: वसीम अहमद। Voice of Darbhanga

दरभंगा: समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारणी सदस्य वसीम अहमद ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मीडिया को बताया कि ल0न0मि0वि0 के कुलपति डा0 साकेत कुशवाहा ने कुछ असामाजिक तत्वो को शरण देकर पूरे विश्वविद्यालय का वातावरण ख़राब कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि कैसे आपराधिक मामलो में लिप्त लोगो को आजीवन सीनेट में सदस्यता का अनुशंसा किया जा रहा है। उन्होंने कुलपति महोदय पर असामाजिक तत्वो को पनाह देने का आरोप लगाया है साथ ही साथ मिथिला विश्वविद्यालय में अब तक के कुलपतियों के कार्यकाल में सबसे बदतर स्थिति का आरोप लगाया। शैक्षणिक माहौल को तहस नहस कर दिया गया है। पांच हज़ार से अधिक छात्रों का नामांकन नही हो पाया है और इनका भविष्य अंधकार में है। इस कुलपति के कार्यकाल में कई निर्दोष स्टाफ को झूठे केस में फँसा कर उन्हें पदमुक्त कर दिया गया जो एक जाँच का विषय है। ई0 सोहन चौधरी को फर्जी प्रमाणपत्र का आरोप लगा कर हटाया गया जबकि उनका प्रमाण पर सही साबित हुआ और विश्विद्यालय ने भी स्वीकार किया। डा0 मुस्ताक अहमद को भी जिस भवन को राशि गबन करने के आरोप में निलंबित किया गया, वह दोनों भवन कॉलेज परिसर में अवस्थित है। इसी प्रकर डा0 आनंद पर भी एफआईआर दर्ज करायी गयी है। किसी कुलपति का जातिगत भावना से कार्य करना कहीं से शोभा नही देता। श्री अहमद ने माँग की है कि इनके अबतक के कार्यकाल में जिन जिन लोगो पर झूठे आरोप लगा कर पदमुक्त किया गया है उसकी उच्चस्तरीय जाँच हो नहीं तो इस तानाशाह रवैये के खिलाफ समाजवादी पार्टी जनआंदोलन चलाएगी और मिथिला के इस धरोहर को नष्ट होने से बचाएगी।

