
दुसाध उत्थान परिषद् ने मनाया भोला पासवान शास्त्री की जयंती।

दरभंगा: पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की 102वीं जयंती पर बुधवार को अखिल भारतीय दुसाध उत्थान परिषद के सदस्यों ने उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। जिला परिषद सभागार में आयोजित जयंती समारोह का उद्घाटन डीआईजी डा. सुकन पासवान ने किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री समाज के लिए रोल मॉडल थे। उन्होंने गरीबों के उत्थान के लिए स्व. शास्त्री के किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री ने जाति बंधन से उपर उठकर गरीबी दूर करने का रास्ता दिखाया। उन्होंने शिक्षा हासिल करने को कहा। अशिक्षा, अज्ञानता को अंधकार समान बताया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष गीता देवी ने कहा कि उनकी जीवनी को देखने के बाद उनके गरीबी की पीड़ा को समझा जा सकता है। विशिष्ट अतिथि अधीक्षण अभियंता हरेश्वर राम ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री ने समाज को विकास की राह दिखाई थी। लेकिन हम उनके सोचे हुए मापदंड को आज तक पाने में नाकाम हैं। हम लोगों को दुसाध,चमार, पासवान आदि जाति बोध से उपर उठकर दलित समाज के रूप में संगठित होकर अपने उत्थान की सोच को विकसित करने की आवश्यकता है। दुसाध सभा के बहादुरपुर प्रखंड अध्यक्ष सह पूर्व मुखिया गौतम ¨सह पासवान ने कहा कि स्व. शास्त्री हम लोगों के आदर्श रहे हैं। दलितों के उत्थान के लिए वह हमेशा व्याकुल रहते थे। सभा को महेंद्र पासवान, ललन पासवान, कुमारी सुरेशरी, ममता देवी, सुनील पासवान, लक्ष्मण पासवान, डा. हरेंद्र पासवान, विजय पासवान, संतोष पासवान, रामलखन पासवान आदि ने भी संबोधित किया। मंच संचालन परिषद के संयोजक जगदीश पासवान ने किया। आतंकवादी हमले में शहीदों एवं बसैठा बस दुर्घटना में मृत जनों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण कर कार्यक्रम का समापन किया गया। वही पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री का जयंती कांग्रेस कार्यालय में सीताराम चौधरी की अध्यक्षता में चित्र पर माला चढ़ाकर मनाया। उपाध्यक्ष मो. असलम, महादेव पासवान, प्रो. शिवनारायण पासवान, अशोक पासवान आदि ने सभा को संबोधित किया।

