
धीरेन्द्र सिंह हत्याकांड में पुलिस के सूचना तंत्र पर उठे सवाल ! Voice of Darbhanga
दरभंगा| अभिषेक कुमार
गत बुधवार पांच अक्टूबर को फेकला थानाक्षेत्र से प्रेम प्रसंग में लडकी के अपहरण के आरोपी ऋतिक के पिता धीरेन्द्र सिंह के अपहरण और फिर मुख्य आरोपी सुरेन्द्र सिंह द्वारा बहादुरपुर थानाक्षेत्र अंतर्गत अपने निवास स्थान बाबू साहेब कॉलोनी पर लाकर बेरहमी से पिटाई कर मौत के कागाड़ पर पहुंचा देने की पूरी घटना ने कहीं न कहीं पुलिस के सूचना तंत्र के निष्क्रियता को भी जरुर दर्शाया है. एक थाना क्षेत्र से अपहरण हुआ और दुसरे थानाक्षेत्र में लाकर घर में बंद कर निर्मम पिटाई की गयी जबकि पिटाई स्थल से बहादुरपुर थाना एवं पुलिस मुख्यालय की दुरी लगभग दो किलोमीटर और दोनों के मध्य स्थित है. पुलिस के नाक के निचे इस घटना का होना निश्चित रूप से पुलिस के सूचना तंत्र पर सवालिया निशान लगाता है. जब मुख्यालय और मुख्यालय के नजदीक के थाने के बीच इतना बड़ा काण्ड हो जाता है और पुलिस को भनक तक नही लगी तो सुदूर क्षेत्रों में पुलिस के सूचना तंत्र की सक्रियता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है. सवाल यह भी कि यह वास्तव में पुलिस के सूचना तंत्र की विफलता है या सुरेन्द्र सिंह की दबंगता का असर कि पुलिस को सूचना नही मिली. पूर्व में एसएसपी के साथ बदसलूकी सहित कई कांडो का आरोपी रह चुका सुरेन्द्र सिंह इलाके में काफी दबंग माना जाता है. फिर भी वह लायसेंसी हथियारों का धारक बना हुआ है जो उसकी दबंगता में चार चाँद लगाता है. इस घटना में में भी वह लायसेंसी हथियारों से लैस बताया जाता है. तो क्या अब उसके लायसेंस को रद्द नही किया जाना चाहिए? सवाल तो कई हैं. पर जवाब संतोषजनक कारवाई के द्वारा जनता को पुलिस के द्वारा मिलता है या नही, यह वक्त बतायेगा. अपहरण कर जिस थानाक्षेत्र में रखा गया और मरणासन्न अवस्था में बरामदगी हुई, उस बहादुरपुर थाना की भी कोई जिम्मेवारी तय होती है या नही, यह भी देखने वाली बात होगी.

