Home मुख्य जदयू के दलित प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष बनने पर दरभंगा के लाल रविज्योति को बधाई। Voice of Darbhanga
मुख्य - विशेष - November 14, 2016

जदयू के दलित प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष बनने पर दरभंगा के लाल रविज्योति को बधाई। Voice of Darbhanga

 

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अभिषेक कुमार की तरफ से विशेष बधाई कवरेज।

दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर थानाक्षेत्र के नवटोलिया निवासी एवं राजगीर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविज्योति कुमार जनता दल यूनाईटेड (जदयू) दलित प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने पर वॉइस ऑफ़ दरभंगा के संचालक अभिषेक कुमार की तरफ से उन्हें बधाई दी गयी है। साथ ही साथ यदि कोई व्यक्ति श्री ज्योति को वॉइस ऑफ़ दरभंगा के माध्यम से बधाई देना चाहते हैं तो अपनी तस्वीर और बधाई संदेश voiceofdarbhanga@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं

पुलिस इंस्पेक्टर की नौकरी छोड़कर रविज्योति पहले ही प्रयास में वर्ष 2015 के चुनाव जीते और पर्यटन क्षेत्र राजगीर के विधायक बने। वैसे तो रविज्योति के जवानी का एक बड़ा हिस्सा नालंदा में नौकरी करते बीता है। विधायक रविज्योति ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार प्रकट करते हुये कहा कि देश के नेता नीतीश कुमार ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी है, वे संगठन के लिए शीघ्र ही कार्ययोजना बनाकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अमूमन यही होता है कि समाज के अंतिम पायदान के लोगों का वोट राजनितिक दल ले लेते है, जब उनकी मुश्किलें आसान करनी होती है तो उन्हें भाई-दामाद व बेटा प्यारा हो जाता है। इस तरह के राजनीति करने वालों के खिलाफ जोरदार आन्दोलन किया जाएगा। बता दें कि मूलत: दरभंगा के निवासी श्री ज्योति की प्रारंभिक शिक्षा की शुरुआत सीतामढ़ी में हुई यहां उनके पिता अंचल में सीओ थे। जिला स्कूल दरभंगा में मैट्रीक करने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. ग्रेजुएशन के बाद सगे-संबंधियों के कहने पर एलएलवी की, वर्ष 1994 में पुलिस सब-इंसपेक्टर बने. बतौर प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर 8 नवम्बर 1995 में नालंदा में योगदान दिया। पहली ही परेड में इनकी प्रतिभा को देखकर तत्कालीन एसपी ने योगदान के चौथे दिन ही 12 नवम्बर 1995 नक्सलवाद प्रभावित इस्लामपुर थाने में पदस्थापना कर दी। इसके बाद इन्हें बिहारशरीफ शहर के अपराध प्रभावित लहेरी थाना लाया गया बतौर जूनियर सब-इंस्पेक्टर वह साल 1997 था. इधर विन्द थाना इलाका भज्जू, पहलवान, विपीन, ढाढी गिरोह के आतंक से त्रस्त था तब थानाप्रभारी बनाकर उन्हें विन्द थाना भेजा गया, यह मौका उनके लिए खुलकर काम करने का था और उन्होंने इलाके को शांत करने में सफलता हासिल की।

इसके बाद वर्ष 1999 में उन्हें फिर से लहेरी थाना बुलाया गया, इस बार वे इस थाने में बड़ा बाबु (एसएचओ) बने थे फिर इनका तबादला दुसरे जिले में हो गया। जब नए सदी वर्ष 2012 में नालंदा लौटे तो वे नये जबाबदेही को लेकर यहां आए. उनका प्रमोशन इंस्पेक्टर में हो चुका था. बतौर इंस्पेक्टर सोहसराय थानाप्रभारी बने उसके बाद 2014 में बिहार थाना (नगर थाना) के इंस्पेक्टर बने. सबकुछ ठीक चल रहा था, वर्ष 2015 के 22 सितम्बर की दोपहर खबर आयी कि पुलिस इंस्पेक्टर रविजयोति ने स्वेच्छा से सेवानिवृत होकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दामन थाम लिया है. वैसे तो इंस्पेक्टर में प्रमोशन मिलने के बाद जब वे नालन्दा आये थे तो यदा–कदा चर्चा होते रहती थी कि रविज्योति राजनीति में आयेंगे. वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्हें जदयू ने टिकट दिया और उन्होंने भाजपा के पुराने दिग्गज सत्यदेव नारायण आर्य को पटकनी दे दी. ये वही सत्यदेव नारायण आर्य हैं जिनके बारे में कहा जाता था कि राजगीर की जनता ने उन्हें उनके जिंदा रहने तक के लिए चुन लिया है। रविज्योति के प्रभाव के बढ़ते कदम में एक और आयाम उनके जदयू के दलित प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बनने से जुड़ गया है। उन्हें बधाई देने के लिए तांता लगा है।

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