Home Featured 5 साल पहले मां बाप से बिछड़े मंदबुध्दि बालक को बाल कल्याण समिति ने मिलाया।
3 weeks ago

5 साल पहले मां बाप से बिछड़े मंदबुध्दि बालक को बाल कल्याण समिति ने मिलाया।

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दरभंगा: आज भी कुछ लोग ऐसे हैं जो ड्यूटी को केवल नौकरी नही, जिम्मेवारी समझकर पूरा करने का प्रयास करते हैं। ऊपर से ड्यूटी अगर सामाजिक सरोकार से जुड़ा हो तो जिम्मेवारी और भी बढ़ जाती है। ड्यूटी को पूरी जिम्मेवारी के साथ निभाने का एक और उदाहरण पेश किया है जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार झा ने। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति से एक मंदबुद्धि बालक जो अपना नाम पता भी ठीक से नही बता पा रहा था, और दरभंगा जिले का भी नही था, उसे भी उसके मा बाप से आखिरकार मिला ही दिया।
दरअसल, करीब पांच वर्ष पूर्व सहरसा जिला के घोंघेपुर निवासी शंकर मुखिया अपने 12 वर्षीय मंदबुद्धि पुत्र ननकू मुखिया को इलाज कराने दिल्ली ले जा रहे थे। ट्रेन में उनकी आंख लग गयी। इसी बीच उनका बेटा इलाहाबाद से पहले किसी स्टेशन पर उतर गया। इलाहाबाद पहुंचने पर उन्होंने बहुत खोजबीन की। पर कहीं पता नही चला। थकहार कर उन्होंने बेटे के मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। पर आखिरकर बाल कल्याण समिति दरभंगा द्वारा उन्हें अपना खोया बेटा पांच साल बाद मिल गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार झा ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व यह बालक रेल चाइल्ड लाइन द्वारा पटना बाल कल्याण समिति को सौंपा गया था। बच्चा मंदबुद्धि होने के कारण सही सही नाम पता नही बता पा रहा था। पर उसने कई बार कुशेश्वरस्थान और बिथान का नाम लिया। इस आधार पर उसे गत 25 जुलाई 2019 को दरभंगा बाल कल्याण समिति को ट्रांसफर कर दिया गया। उसके बाद बच्चे के माता पिता को खोजने की पूरी कानूनी प्रक्रिया की गयी। पर कोई पता नही चल पाया। अंत में अब बच्चे को लीगल फ्री करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही थी। इसी बीच गत 1 फरवरी को बैठक के दौरान समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र झा ने टीम के सामने स्वयं के स्तर से एक बार प्रयास करने का प्रस्ताव रखा। इसी के तहत वे टीम के साथ 6 फरवरी को बच्चे को लेकर कुशेश्वरस्थान पहुँचे। वहां पहुंच कर कुशेश्वरस्थान पूर्वी के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं स्थानीय थाना के सहयोग से उन्होंने खोजबीन शुरू की। खोज करते करते जब वे बिंदुआ गांव पहुंचे तो वहां एक महिला ने इस बालक को पहचाना। रिश्ते में बच्चे की भाभी लगने वाली महिला ने ही इसका घर सहरसा जिले के घोघेपुर और पिता का नाम शंकर मुखिया होने की जानकारी दी। बच्चे के माता पिता को सूचित किया गया।
बच्चे के माता पिता ने कुशेश्वरस्थान पहुंच कर प्रखंड विकास पदाधिकारी के सामने साक्ष्य प्रस्तुत किया। बीडीओ द्वारा साक्ष्य को सत्यापित किया गया। इसके बाद उनके माता पिता रविवार को ही दरभंगा पहुंच गए। रविवार को छुट्टी होने के वाबजूद बाल कल्याण समिति द्वारा उनके माता पिता के रहने खाने की व्यवस्था की गयी। अंततः सोमवार को बच्चे को माता पिता के सुपुर्द किया गया। बच्चे के घर तक जाने की व्यवस्था भी बाल कल्याण समिति द्वारा की गयी।
इस कामयाबी पर बच्चे एवं माता पिता के साथ साथ बाल कल्याण समिति के पूरी टीम के चेहरे पर खुशी झलक रही थी।
समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र झा ने इस पूरे अभियान में सफलता केलिए कुशेश्वरस्थान पूर्वी के बीडीओ, स्थानीय थाना, जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक नेहा नूपुर, बाल कल्याण समिति के सदस्य रेणु कुमारी, प्रीति कुमारी, इंद्रा कुमारी आदि के प्रति आभार प्रकट किया।

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