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4 weeks ago

अग्निशमन सेवा द्वारा अग्नि से सुरक्षा विषय पर कार्यशाला का किया गया आयोजन।

दरभंगा: समाहरणालय स्थित अम्बेदकर सभागार में गुरुवार को बिहार अग्निशमन सेवा द्वारा अग्नि से सुरक्षा विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्घाटन प्रभारी डीएम तनय सुल्तानिया ने किया। इस अवसर पर उप निदेशक, जनसम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, पुलिस उपाधीक्षक गृह रक्षा वाहिनी सह प्रभारी जिला अग्निशाम पदाधिकारी मनोज कुमार नट, प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन सत्यम सहाय भी थे।

प्रभारी डीएम ने कहा कि कई बार गर्मी के मौसम में नंगे तार या खेत-खलिहान में छोटी सी चिंगारी से बड़ी अगलगी की घटना घट जाती है। यदि हम सर्तक रहें तो इन घटनाओं से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष विश्व की सबसे बड़ी अगलगी की घटना अस्ट्रेलिया में घटी थी। वहां के 30 से 40 प्रतिशत जंगल नष्ट हो गये। कई जानवर हताहत हुये और यह प्राकृतिक नहीं बल्कि मानव जनित घटना थी।

कई बार ऐसा होता है कि शिकारी जंगल में जाते हैं या किसी कैम्प का आयोजन होता है और वहां आग जलती हुई छोड़ देते हैं और एक छोटी सी चिंगारी से इतनी बड़ी घटना घटित हो जाती है। ग्रामीण क्षेत्र में फूस के घरों में जहां खाना बनाया जाता है, उस स्थल के फूस की दीवार को मिट्टी, गोबर व बालू का लेप लगा दिया जाए तो आग लगने की आशंका कम हो जाती है।

उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग द्वारा हैंडबिल, पम्पलेट, पोस्टर के माध्यम से जागरूकता की अच्छी तैयारी की गयी है। इसके माध्यम से ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरूक किया जा सकता है। अगलगी की घटना घटित होने से पहले इतनी तैयारी रहनी चाहिए कि घटना घटने के बाद उस पर तुरंत काबू पाया जा सके और कम से कम क्षति हो सके।

कार्यशाला में विभिन्न पदाधिकारियों ने विचार रखे। इसमें बताया गया कि थ्रेसर चलाने में उपयोग आने वाले डीजल इंजन या ट्रैक्टर के धुआं वाली पाइप से हवा की दिशा में अनाज का बोझा नहीं रखें। बिजली के तार के किसी भी जोड़ को ढीला या खुला न छोड़ें। बिजली के कनेक्शन के लिए कम या खराब गुणवत्ता वाले तार का प्रयोग न किया जाए। रौशनी के लिए बैट्री वाले संयंत्र जैसे टॉर्च, इमरजेन्सी लाईन आदि का ही प्रयोग करें।

बैठक में उपस्थित विभिन्न अंचलों के सीओ और विभिन्न पंचायतों के मुखिया ने भी अपने अनुभव साझा किये तथा कई सुझाव दिए। बेनीपुर, बिरौल एवं दरभंगा के फायर स्टेशन अफसर ने भी अपने अनुभव से अवगत कराया और कई सुझाव दिए।

पुलिस उपाधीक्षक अग्निशमन मनोज कुमार नट ने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जागरुकता लाने को कहा और उन्होंने कहा कि इसके लिए नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन करवाया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी पदाधिकारी जिला आपदा प्रबंधन सत्यम सहाय ने किया। बैठक में सभी संबंधित पुलिस उपाधीक्षक, सभी फायर स्टेशन ऑफिसर तथा सभी सीओ एवं सभी मुखिया ऑनलाइन उपस्थित थे।

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