Home Featured दीपक की हत्या के बाद पतोर में मुखिया के घर मे छिपे थे  सभी अभियुक्त, चिंटू सिंह की गिरफ्तारी से हुआ खुलासा।
4 weeks ago

दीपक की हत्या के बाद पतोर में मुखिया के घर मे छिपे थे  सभी अभियुक्त, चिंटू सिंह की गिरफ्तारी से हुआ खुलासा।

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दरभंगा: गत 7 जनवरी को बहादुरपुर के फेकला ओपी अंतर्गत अंदामा गांव में दीपक चौरसिया की हत्या कर हथौड़ी गांव के पुल के नीचे शव फेंक देने के मामले में पुलिस ने मुख्य अभियुक्त चिंटू सिंह को गिरफ्तार कर मामले का उदभेदन कर लेने का दावा किया है। साथ ही कांड करने के बाद अभियुक्तों ने पतौर गांव में जिस मुखिया के यहां शरण लिया था, उसे भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
शुक्रवार की देर शाम प्रेस वार्ता का आयोजन कर एसएसपी बाबूराम ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले में चिंटू सिंह, राजनाथ सिंह, संजय सिंह एवं विकास कुमार पांडेय सहित चार अभियुक्त बनाये गए थे। चारों के नेपाल भाग जाने की सूचना मिली थी। कोर्ट के आदेश पर चारो के घर कुर्की जब्ती भी की गयी थी। फिर भी इनलोगों ने समर्पण नही किया। सिटी एसपी अशोक प्रसाद के नेतृत्व में टीम लगातार इनके गतिविधियों पर नजर रखे हुई थी तथा इनके नेपाल से लौटने का इंतजार कर रही थी। पुलिस द्वारा इन चारों के नेपाल से लौट कर मुजफ्फरपुर में अपने एक मित्र अरुण सिंह के यहां ठहरने की सूचना मिली। पुलिस ने छापा मारकर चिंटू सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इसके अन्य साथी भागने में सफल रहे। चारों को छिपा कर रखने के आरोप में अरुण सिंह को भी हिरासत में लिया गया है।
एसएसपी ने बताया कि चिंटू सिंह से पूछताछ में पता चला कि घटना में चार नही, बल्कि 6 लोग शामिल थे। अंदामा का ही नवीन सिंह और विकास का ड्राइवर भी शामिल था। रात्रि करीब आठ बजे दीपक चौरसिया तारालाही से भोज खाकर लौट रहे थे। चिंटू सिंह एवं उनके साथी नशे में धुत थे। इसी बीच दीपक की गाड़ी गली में खड़े चिंटू सिंह से टकरा गयी। इसी बात पर उनमे कहासुनी हो गयी। सबने मिलकर दीपक के साथ मारपीट शुरू कर दी। सबने एक कमरे में दीपक को बन्द करके बुरी तरह मारा पीटा। इसी से दीपक की मौत वहीं पर हो गयी।
इसके बाद उन्होंने विकास के बैगनआर कार में शव को डालकर रात में ही ठिकाने लगाने ले गए और हथौड़ी पुल के पास पानी मे फेंक दिया। इसके बाद ये लोग लौट कर पतौर ग्राम में मुखिया के यहां गए। वहीं सारी रात खाया पिया और सो गए। सुबह हंगामा होने पर मुखिया ने ही इन्हें चले जाने को कहा। इसके बाद ये लोग भाग कर नेपाल चले गए थे। पुलिस ने पतौर मुखिया को भी अभियुक्तों को शरण देने एवं भागने में मदद करने के आरोप में हिरासत में ले लिया है।

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