Home Featured जिलाधिकारी ने आधार अद्यतीकरण को लेकर अंचलाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक।
June 16, 2021

जिलाधिकारी ने आधार अद्यतीकरण को लेकर अंचलाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक।

दरभंगा: बुधवार को समाहरणालय दरभंगा अवस्थित अम्बेडकर सभागार में जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में बाढ़ प्रभावित अंचलों में डाटा अद्यतीकरण को लेकर बैठक की गयी।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात प्रारंभ हो गयी है तथा नेपाल में भी बारिश हो रही है, इसलिए जल्द ही बाढ़ आने की संभावना है और बाढ़ आ जाने पर सभी पदाधिकारी एवं कर्मी बाढ़ राहत कार्य में लग जाएंगे, फिर डाटा अद्यतीकरण का कार्य नहीं हो पाएगा।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ डाटा अद्यतीकरण नहीं बल्कि डाटा सुदृढ़ीकरण भी है, इसलिए परिवार का भौतिक सत्यापन कराने के उपरांत ही नाम जोड़ा जाये एवं हटाया जाये।

उन्होंने कहा कि अभी भी बहादुरपुर सहित कई अंचलों में डाटा अद्यतीकरण की अच्छी प्रगति नहीं हैं। बहादुरपुर, कुशेश्वरस्थान, बहेड़ी अंचल में डाटा अद्यतीकरण 50 प्रतिशत से भी कम हुआ है। डाटा अद्यतीकरण नहीं रहने से गलत परिवारों को सहायता मिलने की संभावना बनी रहती है जिसके लिए अंचलाधिकारी पर भी कार्रवाई होती है।

वर्ष- 2017 में अंचलाधिकारी, सदर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

इसलिए डाटा अद्यतीकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कई अंचलों में काफी अच्छी प्रगति हुई है। अद्यतीकरण के दौरान सूची में केवल आधार नम्बर डालना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवारों का सर्वेक्षण भी जरूरी है।

उन्होंने कुशेश्वरस्थान, सिंहवाड़ा, बहेड़ी, बिरौल, गौड़ाबौराम, हनुमाननगर, जाले, सदर एवं किरतपुर अँचल के कई पंचायतों का जिक्र करते हुए संबंधित अंचलाधिकारी से उन पंचायतों में अद्यतीकरण का कार्य की धीमी प्रगति को लेकर जवाब-तलब किया।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष वैसे पंचायत जहाँ कभी-कभी बाढ़ आती है वहां के बाढ़ आने के दिन से लेकर प्रतिदिन का, जियो टैग फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से कार्यपालक सहायक प्रतिनियुक्त किए जाएंगे। यथा संभव उस पंचायत के कार्यपालक सहायक की प्रतिनियुक्ति उसी पंचायत में नहीं की जाएगी, बल्कि दूसरे पंचायत में की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रायः ऐसा देखा जाता है कि जहाँ बाढ़ नहीं आती है, बाढ़ के पश्चात वहाँ के लोगों द्वारा भी बाढ़ सहायता राशि की माँग प्रारंभ कर दी जाती है, इसलिए साक्ष्य के लिए फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी रखना जरूरी है। संबंधित कार्यपालक सहायक अपने पंचायत में पानी प्रवेश करने की तिथि से ही प्रतिदिन फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कर अंचल कार्यालय में जमा कराना सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने कहा कि ऐसे स्थल जहाँ हमेशा बाढ़ आती है और यह सर्व-विदित है कि वह स्थान बांध की पेटी में है या बाढ़ग्रस्त स्थल है, जहाँ प्रायः नाव चलता है, वहाँ फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन जिन स्थलों पर हर साल बाढ़ नहीं आती है और किसी किसी वर्ष बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाता है, वैसे स्थलों पर बाढ़ आने की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी अभिलेख के लिए अनिवार्य है।

बैठक में प्रभारी पदाधिकारी जिला आपदा प्रबंधन सत्यम सहाय, उप निदेशक जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी आलोक राज उपस्थित थे। वहीं ऑनलाइन सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी जुड़े हुए थे।

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