Home Featured छात्र-छात्राएं किसी भी प्रकार के षड्यंत्रों के शिकार न हो : कुलपति।
2 weeks ago

छात्र-छात्राएं किसी भी प्रकार के षड्यंत्रों के शिकार न हो : कुलपति।

दरभंगा: सोमवार को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के मुकाबले परीक्षा एवं परिणाम के मामले में सत्र नियमितीकरण के साथ अग्रणी रहा है, परंतु दुर्भाग्यवश विश्वविद्यालय में एनसीसीएफ नाम की कंपनी जो नामांकन, परीक्षा एवं परिणाम का कार्य करती थी, उसके षड्यंत्र के कारण हाल के दिनों में परीक्षा परिणामों में कुछ विलंब हुआ है। इसके बावजूद छात्रहित में सभी लंबित परीक्षा परिणाम जून के अंतिम सप्ताह तक प्रकाशित करने का प्रयास कर रही है। इसलिए छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार के षड्यंत्र से गुमराह नहीं होना चाहिए, क्योंकि विश्वविद्यालय उनके हितों की रक्षा हेतु कटिबद्ध है। उक्त बातें विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह ने कही। प्रो० सिंह आज विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, पदाधिकारियों एवं स्थानीय कॉलेजों के प्रधानाचार्यों के साथ छात्रों की समस्याओं पर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2014 से जो एनसीसीएफ कंपनी यहां कार्यरत थी, उसका अनुबंध 2019 में समाप्त हो चुका है। इसलिए पुनः नई निविदा के आधार पर दूसरी कंपनी चयनित हुई और एनसीसीएफ अपनी अयोग्यता के कारण चयनित नहीं हो सकी। नियमानुसार एनसीसीएफ को सभी डाटा विश्वविद्यालय को देना था, लेकिन वह एक कुचक्र रच कर माननीय उच्च न्यायालय में चला गया, लेकिन न्यायालय ने भी छात्रहित में विश्वविद्यालय के पक्ष में कंपनी को निर्देश दिया कि वह तत्काल सभी डाटा विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराएं। फिर भी वह हठधर्मिता अपनाई और आज तक डाटा हस्तगत नहीं कराया, जिसके कारण स्नातक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय खण्ड तथा पीजी के प्रथम एवं चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम प्रकाशन में विलंब हुआ है। उच्च न्यायालय के आदेश पर एनसीसीएफ कंपनी पर मुकदमा भी दायर किया गया है और उसपर वारंट भी जारी हुआ। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार है। ऐसी विषम परिस्थिति में भी विश्वविद्यालय ने सत्र 2018-21 के तृतीय खंड के परीक्षा के अंक पत्र कॉलेजों में भेजना प्रारंभ कर दिया है। सत्र 2019-22 स्नातक द्वितीय के कॉमर्स का रिजल्ट आज प्रकाशित हो रहा है, जबकि इस माह के अंत तक सभी परीक्षाओं के परिणाम प्रकाशित हो जाएंगे। इसी प्रकार पीजी परीक्षाओं के सभी लंबित परीक्षा परिणाम भी जून के अंत तक प्रकाशित कर दिए जाएंगे।

Advertisement

कुलपति ने कहा कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर परीक्षा परिणामों की तैयारी के लिए अलग-अलग टीम गठित की गई थी जो समानांतर रूप से इस दिशा में कार्य कर रही है, क्योंकि पुरानी एनसीसीएफ कंपनी के द्वारा डाटा नहीं दिए जाने के कारण नए सिरे से डाटा संकलन कर परीक्षा परिणाम निकाले जा रहे हैं। ज्ञातव्य है कि विश्वविद्यालय ने 4,25,000 छात्र-छात्राओं का डाटा संकलन कर नए सिरे से परीक्षा परिणाम की तैयार चल रही है, इसलिए विलंब होना स्वभाविक है। उन्होंने कहा कि कुछ अराजक तत्व विश्वविद्यालय प्रशासन को बदनाम करने के लिए षड्यंत्र कर रहे हैं और नकारात्मक गतिविधियां चलाते रहे हैं, क्योंकि ऐसे तत्वों को अब विश्वविद्यालय में कोई प्राश्रय नहीं दिया जा रहा है। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष समाज विज्ञान प्रोफेसर जीतेंद्र नारायण, संकायाध्यक्ष विज्ञान प्रो के के झा, संकायाध्यक्ष वाणिज्य प्रो बीबीएल दास, मानविकी संकायाध्यक्ष प्रोफेसर रमण झा, शिक्षा संकायाध्यक्ष डा डी एन सिंह, सीएम साइंस कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो दिलीप कुमार चौधरी, एमएलएसएम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो मंजू चतुर्वेदी, एमआरएम कॉलेज के प्रधानाचार्य डा रूपकला सिन्हा, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ए के बच्चन, वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो शाहनाज जमिल, आदि ने अपने विचार रखे एवं विश्वविद्यालय स्तर पर इस विषम परिस्थिति में भी विश्वविद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम निकालने के लिए जो प्रयास किया, उसके लिए कुलपति महोदय को साधुवाद देते हुए छात्र-छात्राओं से धैर्य के साथ रहते हुए किसी के द्वारा गुमराह न होने की बात कही, क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और जबकि सभी लंबित परीक्षाफल प्रकाशन की ओर है ऐसे समय में दुष्प्रचार से बचना चाहिए।

 बैठक में सभी विभागाध्यक्ष, प्रधानाचार्य, संकायाध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने कुलपति के प्रयास की ध्वनिमत से सराहना करते हुए कंपनी पर समुचित कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया।

कुलसचिव प्रो मुश्ताक अहमद ने स्वागत करते हुए विषय प्रवेश कराया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया।

Share

Check Also

पार्षदों के आंदोलन के बाद कचरा उठाव टैक्स में हुआ बदलाव।

दरभंगा: वार्ड पार्षदों के आंदोलन के बाद दरभंगा नगर निगम द्वारा कचरा उठाव टैक्स में बदलाव क…