Home Featured जाले विधानसभा: महागठबंधन में टिकट वितरण पर बगावत, कांग्रेस-आरजेडी कार्यकर्ता निर्दलीय के समर्थन में।
Featured - मुख्य - October 20, 2025

जाले विधानसभा: महागठबंधन में टिकट वितरण पर बगावत, कांग्रेस-आरजेडी कार्यकर्ता निर्दलीय के समर्थन में।

दरभंगा: जिले के जाले विधानसभा क्षेत्र में महागठबंधन के भीतर टिकट वितरण को लेकर घमासान मच गया है। कांग्रेस ने ऋषि मिश्रा को उम्मीदवार बनाया तो स्थानीय नेताओं ने बगावत का ऐलान कर दिया। आरजेडी के कार्यकर्ता खुलकर निर्दलीय प्रत्याशी मशकूर अहमद उस्मानी के पक्ष में आ गए हैं, जबकि कांग्रेस की कोर कमिटी ने सामूहिक इस्तीफे की धमकी दी है।

Advertisement

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बाहरी और अवसरवादी नेता को टिकट देकर स्थानीय आवाज को दबाया गया है।आरजेडी के प्रखंड अध्यक्ष नीलम कुमार पासवान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “महागठबंधन ने जिस व्यक्ति को टिकट दिया है, वह कभी जदयू, कभी आरजेडी और कभी कांग्रेस में आते-जाते रहे हैं। ऐसे अवसरवादी नेता पर भरोसा नहीं किया जा सकता। 2020 में इन्होंने मशकूर अहमद उस्मानी को जिन्ना कहकर विरोध किया था, आज उन्हीं को उम्मीदवार बना दिया। हम उस्मानी का समर्थन करेंगे।” पासवान ने जाले आरजेडी के सच्चे अध्यक्ष मांझी पासवान का भी जिक्र किया, जो कथित रूप से ऋषि मिश्रा के साथ हैं।

Advertisement

कांग्रेस की कोर कमिटी के अध्यक्ष भूषण आजाद ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “छठ के दिन इस्तीफा दे देंगे। पार्टी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर बाहरी व्यक्ति को टिकट दे दिया। ऋषि मिश्रा कभी इस पार्टी में, कभी उसमें जाते हैं। यह निर्णय कांग्रेस के लिए आत्मघाती साबित होगा।” इसी क्रम में कांग्रेस प्रखंड महासचिव संजीव कुमार ठाकुर ने स्पष्ट किया, “हम राहुल गांधी या प्रदेश कांग्रेस के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन टिकट वितरण में गड़बड़ी हुई है। ऋषि मिश्रा जैसे नेता कांग्रेस के सच्चे सिपाही नहीं हैं। उन्होंने पहले भी विरोधियों को फायदा पहुंचाया है।”

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि 2017 के बाद से वे लगातार जाले से स्थानीय उम्मीदवार की मांग कर रहे थे, लेकिन दिल्ली और पटना के नेताओं ने इसे नजरअंदाज कर दिया। कई नेताओं का मानना है कि अब यह चुनाव बीजेपी के जीवेश मिश्रा और निर्दलीय मशकूर उस्मानी के बीच सीमित हो गया है।

उधर, कांग्रेस प्रत्याशी ऋषि मिश्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे भ्रम फैलाने की साजिश बताया। उन्होंने कहा, “जो लोग अपने-अपने हित साध नहीं पाए, वही यह नाटक कर रहे हैं। मैं कांग्रेस आलाकमान और महागठबंधन के समर्थन से चुनाव लड़ रहा हूं। भाजपा को हराना ही हमारा लक्ष्य है।”कांग्रेस के पूर्व संभावित उम्मीदवार मोहम्मद नौशाद ने फेसबुक पर भावुक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने अपने साथ हुए अन्याय का जिक्र किया। नौशाद ने लिखा, “मैं 25 साल से पार्टी की सेवा कर रहा हूं, लेकिन एक फोन कॉल पर मेरा सपना छीन लिया गया। मुझे कांग्रेस का सिंबल मिला था, लेकिन नामांकन स्थल के पास ही भारी दबाव में लौटाना पड़ा।”

Share