
केएसडीएसयू में 11 सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर।
दरभंगा: कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कर्मचारी संघ एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी पेंशनर्स संघ के आह्वान पर विश्वविद्यालय के सभी नियमित व सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में कुलपति कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।

कर्मचारियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन संवेदनशीलता नहीं दिखा रहा है और लंबे समय से लंबित मामलों के त्वरित समाधान में पूरी तरह विफल रहा है।
आंदोलन का नेतृत्व संरक्षक डॉ. अंजीत चौधरी, अध्यक्ष अनिल कुमार झा, सचिव सुनील कुमार सिंह सहित रघुनंदन लाल कर्ण, सुशील कुमार झा, अमरनाथ शर्मा, राम प्रकाश राम, गोपाल उपाध्याय, रविनेश कुमार आदि कर रहे हैं। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगों पर ठोस एवं लिखित कार्रवाई नहीं होती, धरना एवं आंदोलन जारी रहेगा।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में एसीपी व एमएसीपी की अवशेष धनराशि का शीघ्र भुगतान, सातवें पुनरीक्षित वेतन की अंतर राशि 58 प्रतिशत (01 अप्रैल 2019 से 31 जनवरी 2020 तक) का भुगतान, वर्धित डीए की अंतर राशि का भुगतान शीघ्र करने की मांग शामिल है।

इसके साथ ही वरीयता के आधार पर प्रशाखा पदाधिकारी का प्रभार देने, किसी एक कर्मी को एक विभाग के अतिरिक्त दूसरे विभाग का प्रभार नहीं देने, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की लंबित प्रोन्नति शीघ्र करने तथा अनुकंपा पर नियुक्ति से संबंधित पत्र अविलंब निर्गत करने की मांग भी उठाई गई है।कर्मचारियों का कहना है कि समय-समय पर आश्वासन के बावजूद उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं किया गया, जिसके कारण उन्हें विवश होकर अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।

