
शहीद के परिजनों को सीआईएसएफ के एडीजे ने सौंपा सात लाख का चेक, नौकरी का आश्वासन। Voice of Darbhanga

दरभंगा: सीआईएसएफ के एडीजे आर.के मिश्रा ने आज नवीनगर में शहीद हुए. सीआईएसएफ के जवान अमरनाथ मिश्रा के द्वादसश्राद्ध कार्य में पहुंच कर उनके परिजनों को सहायता राशि उपलब्ध करायी. साथ ही पजिनों को ढाढ़स बंधाया. एडीजे के साथ डीआईजी एसएन सिंह भी थे. सनद रहे नवीनगर में सीआईएसएफ के जवान शहीद हुए थे. वे बिरौल अनुमंडल के कोर्थू गांव के रहने वाले थे. आज उक्त जवान का द्वादसाक्रम था. एडीजे श्री मिश्रा ने 5 लाख की राशि का चेक शहीद के पत्नी को और 2 लाख की राशि का चेक उनके पिता 90 वर्षीय उग्रनारायण मिश्र को दिया. एडीजे के पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे और उनसे मुलाकात की. मृतक के पिता ने शहीद के दोनों पुत्रों को नौकरी देने की मांग की. जिसके बाद एडीजे ने एक पुत्र को तत्काल नौकरी देने की बात कही और दूसरे के लिए कोचिंग करा कर कॉपिटिसन के माध्यम से नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया. उन्होंने यह भी सलाह दिया कि सहायता स्वरूप जो राशि दी जा रही है. उसका सदउपयोग करें. उन्होंने बताया कि 7 लाख की राशि डीजी सीआईएसएफ की ओर से स्वीकृत मिली है. कुल 50 लाख की राशि शहीद के परिजनों को दिया जाएगा. एडीजे कोर्थू के बाद कसरौड़ गांव पहुंचे. जहां ऐतिहासिक ज्वालामुखी भगवती का दर्शन किया. एडीजे के साथ पूर्व विधायक गोपाल जी ठाकुर के साथ-साथ बड़ी संख्या में समाजिक व रानीतिक कार्यकर्ता वहां पहुंचे थे. सनद रहे पूर्व विधायक श्री ठाकुर जब शहीद का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा था तो वहां पहुंचकर श्रद्धांजलि दी थी और वहीं से सीआईएसएफ के एडीजे से फोन पर बात कराई थी और एडीजे ने वहां पहुंचने का वादा किया था. इसी बीच सीआईएसएफ के डीजी आर.पी सिंह ने नवीनगर में शहीद हुए सभी चार शहीदो के घर वरीय अधिकारियों को भेजने का निर्णय लिया और इसी निर्णय के आलोक में एडीजे आर.के मिश्रा यहां आये हुये थे. पूर्व विधायक गोपाल जी ठाकुर ने आज यहां बताया कि नरेन्द्र मोदी की शासनकाल में सुशासन है. जो आज प्रमाणित हुआ. सरकार हर शहीद का ध्यान रखती है, जो देखने को मिला है. इस अवसर पर प्रदीप ठाकुर, उदय शंकर चौधरी, संतोष कुमार झा, राधे श्याम, महावीर सिंह, मणिकांत झा, रामपदारथ ठाकुर, कृष्ण मोहन, सुजीत कुमार चौधरी, मणिकांत मिश्र और कोर्थू के मुखिया इन्द्र कुमार ठाकुर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. कोर्थू से लौटने के क्रम में जगह-जगह समाजिक कार्यकर्ताओं ने एडीजे और डीआईजी को फूल-मालाओं से स्वागत किया.

