
दलितों पर हमले के खिलाफ संघर्ष तेज करने की जरूरत: सीएपीम।

दरभंगा: दलितों पर देशभर में हमला बढ़ रहा है। 2013 के मुकाबले 2014 में 27 प्रतिशत 2014 के मुकाबले 2015 में 47 प्रतिशत दलित उत्पीड़न में वृद्धि हुई है। दूसरी ओर दलित उत्पीड़न के मामले में सजा होने की संख्या 3 प्रतिशत ही है। ये सभी आंकड़े राष्ट्रीय अपराध नियंत्रण ब्यूरो से प्राप्त हैं। दलित शोषण मुक्ति मंच के राज्य सचिव श्याम भारती व विजयकांत ठाकुर ने शनिवार को गुदरी बाजार में स्थित मंच के कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संयुक्त रूप से उपरोक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि दलितों के लिए ए और बी कोटि के आरक्षित पदों में करीब एक तिहाई खाली पड़े हैं। राज्य और केन्द्र सरकार ने अपने अधीन विभागों में बहाली रोक रखी है। जिस कारण राज्य व केन्द्र दोनों को मिलाकर 40 लाख पद रिक्त पड़े हैं। इन पदों पर बहाली के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। श्री भारती ने कहा कि मोदी के सत्ता में आने के बाद उत्साहित तथाकथित गौ भक्तों के उन्माद के चरम पर पुहंचने का स्वयं प्रधानमंत्री की जुबानी विरोध करना पड़ा है। ऐसे में तमाम मतभेदों को दर किनार कर दलितों के सवाल पर व्यापक एकता बनाकर उत्पीड़न के विरोध और जीवित रहने की आवश्यकताओं की पूर्ति और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष जरूरी है। उन्होंने बताया कि मनीगाछी के पैठान कबई, बहेड़ा थाना के पीपड़ा डायनकांड व सोनकी ओपी के डगरसाम कांड के अभियुक्तों की गिरफ्तारी सहित पर्चाधारियों को कब्जा दिलाने आदि मांगों को लेकर 26 व 27 अगस्त को 24 घंटे उपवास किया जाएगा। इस मौके पर सीएपीम के जिलामंत्री अविनाश ठाकुर एवं दिलीप भगत आदि सहित अन्य कई कार्यकर्त्ता भी मौजूद थे।

