
भोपाल एनकाउंटर के विरोध में प्रतिवाद मार्च के बुरी तरह फ्लॉप होने से बौखलाये माले कार्यकर्त्ता! Voice of Darbhanga

दरभंगा: बुधवार को भोपाल एनकाउंटर के विरोध में भाकपा माले द्वारा प्रतिवाद मार्च में दो चार कार्यकताओं की संख्या ही रहने के कारण फजीहत झेल रहे सदस्यों को सोशल मीडिया पर भी काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। आमजन के द्वारा लगातार सवाल उठाने और फजीहत से बौखला कर सदस्यों द्वारा हर किसी को आरएसएस और संघी आदि बताकर अनाप शनाप प्रत्युत्तर देते जा रहे हैं। ऐसे में माले के जिला मीडिया का प्रभार देख रहे अभिषेक कुमार ने मोदी राज के रामराज्य से तुलना करने और रामराज्य के मुकाबले मोदी राज्य में काफी कमी होने का तर्क दिया। उनके मुताबिक राम ने एक धोबी के सवाल उठाने पर पत्नी का भी त्याग कर दिया था तो क्या राम को आदर्श मानने वाले मोदी को दो चार लोगों द्वारा सवाल उठाने पर गद्दी नही छोड़ देना चाहिए! ऐसे में एक जवाब आया इन्हें कि हिन्दू धर्म की प्रबल विरोधी वामपंथियों ने कम से कम राम के अस्तित्व को स्वीकार, ये बड़ा परिवर्तन है। इधर एक रोहित सिंह नामक कार्यकर्त्ता ने बुधवार को ही फजीहत से बचने केलिए अपना फेसबुक कुछ दिन बन्द करने की घोषणा कर दी।
कुल मिलाकर कहा जाय तो ताल ठोक कर प्रतिवाद मार्च की घोषणा करने और इसके बुरी तरह फ्लॉप होने से बौखलाये माले कार्यकर्ताओं ने अब खुद का खुद से ही मजाक बना रहे हैं।

