
डीएमसीएच में जन्म प्रमाणपत्र बनाने में नजराना की राशि को लेकर हुआ बवाल। Voice of Darbhanga

दरभंगा (संवाद सूत्र)
दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) के अधीक्षक कार्यालय में यह अजीबोगरीब नजारा था। जन्म प्रमाण-पत्र बनाने आई आशा और सांख्यिकी कर्मी में नजराना की रकम को लेकर तीखी नोक-झोंक हो रही थी और भीड़ तमाशाई बनी हुई थी।
डीएमसीएच में सांख्यिकी कर्मी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर नजराना मांगते हैं। नजराना नही देने पर जन्म प्रमाण पत्र के लिए दौड़ाया जाता है। ऐसा ही हुआ आशा कार्यकर्ता के साथ। लेकिन, आशा कार्यकर्ता चुप नहीं रही। उसके शोर करने पर अधीक्षक कार्यालय में तमाशबीनों की भीड़ इकट्ठी हो गई। इस बीच एक बिचौलिया सांख्यिकी कर्मी का साथ देने के लिए आशा कार्यकर्ता से भिड़ गया।
हंगामा की सूचना अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार मिश्रा ने आशा और सांख्यिकी कर्मी को तलब किया। पूछने पर आशा ने साफ-साफ बताया कि सांख्यिकी कर्मी जन्म प्रमाण पत्र के लिए नजराना की मांग करते हैं। नजराना नही देने पर वे जन्म प्रमाण पत्र नही दे रहे हैं। हालांकि, सांख्यिकी कर्मी ने आरोप को खारिज किया।
डीएमसीएच के स्त्री एवं प्रसूती रोग विभाग में प्रतिदिन औसतन तीन दर्जन से अधिक बच्चे जन्म लेते हैं। नवजात के जन्म प्रमाण पत्र के लिए सांख्यिकी विभाग ने विशेष व्यवस्था के तहत डीएमसीएच में अपने एक कर्मी की डयूटी लगाई है। स्त्री एवं प्रसूती रोग विभाग से बच्चे के जन्म का कागजात आने पर यहां से जन्म प्रमाण पत्र दिया जाता है।
बताया जाता है कि जो लोग बिचौलिए के माध्यम से अथवा सीधे नजराना देते हैं, उनके जन्म प्रमाण पत्र तुरंत बन जाते हैं। लेकिन, जो नजराना नहीं देते, उन्हें बहाना बनाकर दौड़ाया जाता है। इसे लेकर कई बार बच्चों के परिजन भी शिकायत करते हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन के कान पर जूं तक नही रेंगती है।

