मारधाड़ एवं एक्शन से भरपूर रहा दरभंगा भाजपा जिलाध्यक्ष नामांकन कार्यक्रम।

दरभंगा।अभिषेक कुमार
दरभंगा भाजपा में गुटबाजी एवं कलह हाल के दिनों में सतह पर दिखनी शुरू हो गयी थी। पर आज जिलाध्यक्ष पद के नामांकन के दौरान तो सारी मर्यादा एवं सभ्यता को खुलेआम ताक पर रख दिया गया। इसकी शुरूआती पटकथा ही विवाद से घिर गयी जब मीडिया को परिसदन में चुनाव होने की सुचना दी गयी और जगह का अचानक बदलाव कर पार्टी जिलामंत्री संजीव साह के आवास पर किया गया। पार्टी सूत्रों ने बताया कि अधिकतर कार्यकर्ता नामांकन कार्यक्रम सार्वजनिक या तटस्थ जगह करवाना चाहते थे। पर एक माननीय के दवाब में जिलाध्यक्ष हरी सहनी द्वारा स्थान का परिवर्तन माननीय के मर्जी वाले स्थान पर किया गया और विवाद की शुरुआत यहीं से हो गया।
गहमा गहमी के बीच पूर्व विधायक एवं पूर्व में जिलाध्यक्ष रह चुके एवं जिलाध्यक्ष के प्रबल दावेदार माने जा रहे गोपालजी ठाकुर सहित आदित्य नारायण मन्ना, हेमन्त झा, विवेकानंद पासवान, प्रदीप ठाकुर आदि सहित तेरह लोगो ने जिलाध्यक्ष पद किये नामांकन दाखिल किया। अशोक नायक, अशोक यादव एवं अन्य दो प्रबल दावेदारो द्वारा गोपालजी ठाकुर को समर्थन देते हुए आखरी समय में जिलाध्यक्ष पद पर नामांकन नही करवाया गया। जिलाध्यक्ष के एक पद केलिए 13 नामांकन हुए जबकि प्रदेश प्रतिनिधि के दस पदों केलिए मुरारी मोहन झा सहित केवल 6 लोगों ने ही नामांकन दाखिल किया। इस बीच शहर के एक माननीय के समर्थक प्रत्याशी द्वारा अपना नामांकन का प्रयास करवाने करते एक कार्यकर्ता को अपने साथ लाये चार बाहरी असामाजिक तत्वों द्वारा धक्का देकर बाहर लाया गया और फिर बीच सड़क पर उस कार्यकर्त्ता के साथ मारपीट एवं गाली गलौज करके भगा दिया गया। एकतरफा जहाँ मंडल अध्यक्ष चुनाव में हनुमान नगर से असंतुष्टों द्वारा दो दिनों में 70 इस्तीफे भेज कर विरोध किया गया था, वही बहादुरपुर पुर्वी में मंडल अध्यक्ष के चुनाव से असंतुष्ट कार्यकर्ताओं द्वारा मीटिंग में ही चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव प्रभारी का विरोध किये जाने से हंगामें की स्थिति भी उतपन्न हो गयी। किसी तरह स्थिति पर काबू पाया जा सका। अधिकांश प्रत्याशियों के प्रस्तावक एवं समर्थक के केवल हस्ताक्षर ही थे जबकि उनका सदेह उपस्थित रहना भी अनिवार्य रहता है। उपस्थित 29 मंडल अध्यक्षों में से 18 मंडल अध्यक्षों द्वारा गोपालजी ठाकुर के समर्थन दिए जाने की खबर भी पार्टी के विश्वस्त सूत्रों ने दी है। इन सारे हंगामा का पता मीडिया को न चले, इसका भी पूरा प्रयास किया गया। इसकेलिए लिए बैठक खत्म होने के समय मीडिया प्रतिनिधियों को आने केलिए समय दिया जाता रहा।
अंततः कार्यक्रम खत्म करके प्रदेश चुनाव प्रभारी सुधीर शर्मा के लौट जाने के बाद एक वरिष्ठ नेता एवं प्रबल दावेदार के समर्थकों द्वारा पूरी प्रक्रिया से असंतुष्टि जाहिर करते हुए गुप्त बैठक किये जाने की भी खबर विश्वस्त सूत्रों से मिली। खबर लिखे जाने तक बैठक जारी थी।

