Home मुख्य जिले में एकमात्र ग्रामीण सीट जीतने वाले भाजपा विधायक हो रहे हैं पार्टी में उपेक्षा का शिकार! Voice of Darbhanga
मुख्य - विशेष - April 26, 2017

जिले में एकमात्र ग्रामीण सीट जीतने वाले भाजपा विधायक हो रहे हैं पार्टी में उपेक्षा का शिकार! Voice of Darbhanga

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दरभंगा: दरभंगा जिला भाजपा की नयी टीम बनने के बाद से सोशल मीडिया में लगातार दिख रहे असंतोषो के बाद अब डेढ़ साल पहले महागठबन्धन की लहर में भी पार्टी का झंडा ग्रामीण क्षेत्र में लहराने वाले एकमात्र विधायक जिबेश कुमार के भी उपेक्षा होने की खबर है।

ताज़ा मामला में यह बात तब सामने आयी जब मंगलवार को जिला कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष के आगमन का समाचार मीडिया में पार्टी द्वारा दिया गया और उस मीटिंग में उपस्थित एकमात्र विधायक जिबेश कुमार की तस्वीर को काटकर मीडिया में सारी तस्वीरे जारी की गयी। इतना ही नही, प्रेस रिलीज तक में उनका नाम नही दिया गया। तस्वीर में न होना और प्रेस रिलीज में नाम न होना, दोनों चीज़ें एकसाथ संयोग होने की बात भी नही पचती दिखती है। हालांकि इस बाबत जब जाले के विधायक जिबेश कुमार से बात की गयी तो उन्होंने हँसते हुए बात टाल दिया।

बात यही खत्म नही होती, विधायक जिबेश कुमार के नजदीकी सूत्र बताते हैं कि जिला कमिटी निर्माण में भी उनके सहमति को बिल्कुल नजरअंदाज कर दिया गया। उनके क्षेत्र से कार्यसमिति में एक जिला पदाधिकारी का चयन किया गया, वह भी बिना उनके सहमति के। इतना ही नही, सूत्र यह भी बताते हैं कि कार्यसमिति में जानबूझ कर उनके अपने जाति के व्यक्ति को बना दिया गया जिससे उनपर जातिवाद करने का आरोप लगे और उनकी छवि खराब हो। एक तरफ जहाँ एक पद पर नियुक्त हो चुके व्यक्ति का नाम नगर विधायक के दवाब में काट कर उनके चहेते का नाम जोड़ दिया गया, वहीँ दुसरी तरफ सूत्र बताते हैं कि जिबेश कुमार द्वारा आग्रह करने पर भी उनकी बात नही मानी गयी।

विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि दो दिन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के आगमन की सूचना मीडिया प्रभारी द्वारा जिबेश कुमार को फोन पर दी गयी थी, पर जिबेश जी जिला कमिटी के निर्माण से नाराजगी थी जिसके खातिर उन्होंने जिलाध्यक्ष द्वारा सुचना क्यों नही दी गयी, यह सवाल भी शायद उठा दिया गया था।

ज्ञात हो कि गत विधानसभा चुनाव में महागठबन्धन की लहर और जाले में महागठबन्धन के सीटिंग विधायक रहने के वाबजूद जिले में नगर के अलावा सिर्फ जिबेश कुमार सीट ही नही जीते थे, बल्कि पिछले चुनाव में जीते उम्मीदवार को आये 40 हज़ार वोट के बदले इस बार 62 हज़ार वोट आये। इनसब के वाबजूद अपेक्षा का दंश यदि इन्हें झेलना पड़ता है तो इसका कारण नगर विधायक से इनकी पटरी नही खाना माना जा सकता है। जिलाध्यक्ष हरी सहनी को नगर विधायक संजय सरावगी का रबड़ स्टाम्प माना जाता है और उन्हें के इशारों पर काम करने के लिए भी जाने जाते हैं। अतः जिला भाजपा में जिबेश कुमार की उपेक्षा का कारण सहर्ष ही समझा जा सकता है।

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