
बीपीएल को समाप्त करना गरीब विरोधी कदम: माले। Voice of Darbhanga

दरभंगा: मोदी सरकार का बीपीएल को समाप्त करना गरीब विरोधी कदम है। यह निर्णय कारपोरेट जगत के दवाब में लिया गया है। माले पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा ने मंगलवार को माले कार्यालय में जिला कमिटी की दो दिवसीय बैठक के समापन के उपरांत आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उपराक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि बाजारवादी अर्थव्यवस्था के दवाब में पहले योजना आयोग को भंग कर नीति आयोग बनाया गया। अब बीपीएल को समाप्त कर गरीबों के सर्वेक्षण को भी अलविदा कह दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से गरीबी उन्मूलन के कार्यक्रम और योजनाएं प्रभावित होंगी। साथ ही सोशल सेक्टर में बजटीय आवंटन में कटौती होगी। श्री झा ने नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करने की उनमें हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस समाजिक आर्थिक और जाति गणना के आधार पर खाद्य सुरक्षा तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है, वह अनियमितताओं का पु¨लदा है। आज भी चालिस लाख से उपर आवेदन संशोधन के लिए सरकार के पास लंबित पड़े हैं। उन्होंने इस सूची में सुधार और पंचायत स्तरीय सर्वदलीय अनुश्रवण समिति के जरिए लाभार्थियों की सूची तैयार करने की मांग की है। इस बावत मिथिलांचल जोन के फैसले के अनुरूप 21-22 नवम्बर को जिला मुख्यालयों पर घेरा-डालो – डेरा डालो आंदोलन किया जाएगा। माले के राज्य स्थायी समिति के सदस्य और दरभंगा जिला के सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि नीतीश सरकार बिहार के मूलभूत मुद्दों से भाग रही है। प्रेस वार्ता में लक्ष्मी पासवान, अभिषेक कुमार मौजूद थे।

