
जगह जगह पूरी नही हो सकी मानव श्रृंखला। Voice of Darbhanga

ए जिलानी की रिपोर्ट:
दरभंगा : मानव श्रृंखला को लेकर भले हीं प्रशासनिक महकमा पिछले एक सप्ताह से तैयारी में जुटा था, लेकिन पटना उच्च न्यायालय के निदेश का भी असर मानव श्रृंखला पर दिखा. प्राइमरी स्कूल के बच्चों की भागीदारी काफी कम रही. वैसे आम लोगों की श्रृंखला के प्रति रूची में कमी का असर यह हुआ कि कई जगहों पर श्रृंखला टूट गई. दरभंगा-समस्तीपुर एसएच पर यह नजारा दिखा. जबकि प्रशासन का मुख्य फोकस इसी पथ पर था. मंत्री, नेता, प्रशासन और पुलिस के आलाधिकारी इसी पथ में मानव श्रृंखला बनाकर सड़क पर मौजूद थे. प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो ओझौल और चांडी के बीच मानव श्रृंखला पूरी नहीं हुई. यद्यपि प्रशासन की ओर से बस में बच्चों को लाने का प्रयास किया गया. तब तक समय बीत चुका था. फिर भी जगह को भरा नहीं जा सका. इसी तरह बिठौली-जाले पथ में तीन जगहों पर कटासा, घोरदौर और संतरामेश्वर स्कूल के सामने लगभग दो-दो सौ मीटर में श्रृंखला टूटी. जो स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरा में भी दर्ज है. वैसे प्रशासनिक चुस्ती की बात करें तो यहां के प्रशासन का सारा ध्यान एनएच 57 पर था. यहां बच्चों के बीच प्रशासन की ओर से पानी भी बांटा गया. वहीं दरभंगा बहेड़ा पथ में हावीभोआर गांव के निकट लम्बी दूरी में मानव श्रृंखला नहीं देखी गई. वैसे यह सच्चाई सामने जरूर आयी है कि महागठबंधन के बड़े-बड़े नेताओं के क्षेत्र में मानव श्रृंखला पूरी नहीं हो सकी. वैसे भाजपा ने श्रृंखला को जरूर समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन जमीनी हकीकत यह रही कि सड़कों पर भाजपा के नेता दिखाई नहीं पड़े.

