
दारु पकड़ने और हेलमेट चेकिंग में एक्सपर्ट दरभंगा पुलिस ट्रैफिक संभालने में फेल! Voice of Darbhanga

दरभंगा: शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने की इच्छाशक्ति लगता है प्रशासन एवं प्रतिनिधियों में खत्म हो गयी है। आज शहर के अल्लपट्टी से दरभंगा जंक्शन तक करीब दो घण्टे के महाजाम को देखकर कुछ ऐसा महसूस हुआ। एक ट्रैफिक इंचार्ज पैसे वसूलते थे तो भी उन्हें बना कर रखा गया जब तक अवैध कमाई का बँटवारा सार्वजनिक झगड़े के रूप में सुर्खियां नही बनी। फिर दरभंगा यातायात के विशेषज्ञ के रूप में कृष्णा प्रसाद को यातायात की कमान दी गयी। व्यवस्था तो थोड़ी पटरी पर दिखी पर शायद वसूली प्रभावित हो गयी। अचानक चुपचाप उन्हें ट्राफिक से हटा दिया गया और पुराने कमाऊ की भी वापसी एक प्रभारी के साथ संयुक्त रूप से हुई। इस कमाऊ शख्स के बारे में डिपार्टमेंट को पता हो न हो, इन्हें जानने वाले तमाम लोग बखूबी जानते हैं। गत 25 नवम्बर को खाजासराय में वॉइस ऑफ़ दरभंगा की टीम के आँखों के सामने तीन ट्रैक्टरों को पकड़ा और फिर कानो में हुई बात और आँखों आँखों में इशारे में छोड़ दिया। इसकी खबर भी लिखी गयी तस्वीरो और नाम के साथ। पर कमाऊ पूत की पूछ शायद सब जगह होती है। इसलिए कोई असर नही हुआ। जाम की समस्या में कभी नजर भले नही आते, पर कुछ दिन पूर्व कर्पूरी चौक पर यातायात प्रभारियों द्वारा हेलमेट चेकिंग जरूर देखा गया। फोटो खिंचवाने में एक्सपर्ट एक पदाधिकारी भी कल थोड़ा इस पर पहल करते दिखे। पर शायद जगजाहिर है इनकी पहल बकरी को पकड़ कर शेर पकड़ने जैसा दिखाने में ज्यादा रहती है।
कुल मिलाकर कहा जाय तो शायद जिला प्रशासन और नगर निगम के उदासीनता को देख कर पुलिस भी ज्यादा टेंशन नही लेना चाहती और शहर की ट्रैफिक की लाइलाज व्यवस्था को यूँ ही भगवान् भरोसे छोड़ दिया गया है। जन प्रतिनिधि और राजनितिक दलों का भी कोई सशक्त आंदोलन इसपर कभी नही होता। शायद बड़े बड़े होटल रेस्ट्रोरेंट टूट जाएगा और जिन लोगो का टूटेगा, वे किसी न किसी प्रमुख दल से ही सामान्यतया जुड़े होते हैं।

