
प्रदेश कमिटी के निर्देश के वाबजूद दरभंगा जिले के अधिकांश प्रखण्डों में नहीं दिखा कांग्रेस का धरना प्रदर्शन!
नये जिलाध्यक्षों की बोहनी हुई खराब!
दरभंगा: बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा दिए गये दिशा निर्देश के आलोक में प्रखंड कांग्रेस कमेटी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा गुरुवार को घरेलू रसौई गैस की किल्लत एवं पेट्रोल व डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी सहित अन्य मुद्दों के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाना था। पर इसका कोई खास असर प्रखंड मुख्यालयों पर नहीं देखा गया। इक्का दुक्का प्रखण्डों में ही कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

दरअसल, इसका बड़ा कारण कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति मानी जाती है। कुल मिलकर कहें तो जिला नेतृत्व में बदलाव और एक की जगह दो अध्यक्षों की नियुक्ति तो हुई पर अंदरूनी राजनीति ने इनकी बोहनी खराब कर दी है।

पार्टी सूत्रों की माने तो अरसे बाद किसी दलित चेहरे को दरभंगा जिलाध्यक्ष का भार सौंपा गया था। पर लगभह एक वर्ष के भीतर उन्हें हटाया जाना और पुनः ब्राह्मण – मुस्लिम समीकरण के तर्ज पर अध्यक्षो की नियुक्ति होना भी कहीं न कहीं इस असंतोष का कारण माना जाता है। वर्तमान समय मे परम्परागत रूप से ब्राह्मण भाजपा और मुस्लिम राजद के कोर वोटर माने जाते हैं।

हलांकि हाल ही में अध्यक्ष बदलने के कारण पार्टी के सभी प्रखण्ड अध्यक्षों एवं प्रखण्ड कमिटी से नए जिलाध्यक्षों को समन्वय का समय भी नही मिल पाना भी एक कारण इस असफलता का हो सकता है, पर कहीं न कहीं खेमेबाजी की चर्चा भी गर्म जरूर है।

