Home मुख्य डीपीओ द्वारा पत्नियों की नाफ़रमानी देख उबले प्रतिनिधि पति, जमकर हुआ बवाल! Voice of Darbhanga
मुख्य - December 15, 2016

डीपीओ द्वारा पत्नियों की नाफ़रमानी देख उबले प्रतिनिधि पति, जमकर हुआ बवाल! Voice of Darbhanga

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दरभंगा (संवाद सूत्र)

बाल विकास परियोजना केंद्र के संचालन में वर्चस्व को लेकर बुधवार को जिला परिषद परिसर में जमकर हंगामा मचा। जिला परिषद अध्यक्ष गीता देवी व आइसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बालाकांत पाठक के बीच सरेआम जमकर झड़प और तू-तू, मैं-मैं से समूचे परिसर में अफरातफरी मच गई। जिला परिषद परिसर में उलझे दोनों पक्षों के बीच जमकर अपशब्दों का प्रयोग हुआ और एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी गई। दो महानुभावों में असंसदीय भाषा का आदान-प्रदान होते देख वहां विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का जमघट लग गया। कर्मचारियों ने बड़ी मशक्कत के बाद दोनों को अपने अपने कक्ष में बिठा कर मामला शांत कराया। बाद में पार्षदों के एक शिष्टमंडल ने डीएम से मिलकर इस मामले से अवगत कराया और डीपीओ के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। डीएम चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है। कुछ पार्षदों ने डीपीओ की शिकायत की है। डीपीओ का पक्ष जानने के लिए उन्हें कल डीएम के कार्यालय कक्ष में बुलाया गया है। ज्ञातव्य है कि जिला परिषद अध्यक्ष कक्ष के सामने ही बाल विकास परियोजना कार्यालय संचालित है। घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शी सूत्रों ने बताया कि अध्यक्ष गीता देवी तथा उपाध्यक्षा ललिता झा प्रांगण में बने चबूतरे पर खिली धूप का आनंद ले रहे थे। इतने में डीपीओ बालाकांत पाठक अपेन वाहन से अपने कार्यालय जाने के लिए पहुंचे। अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को बिना किसी शिष्टाचार के वे अपने कक्ष की ओर जाने लगे। दोनों महिला जन प्रतिनिधियों के पति तथा कुछ पार्षद भी उस समय उनके साथ बैठे थे। इन सभी पतियों को को डीपीओ की उनके पत्नियों की यह कथित अशिष्टता खल गई। इतने में एक पार्षद ने अध्यक्ष से कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में पदाधिकारी कमीशन निर्धारित किये हुए हैं। अध्यक्ष ने इस पर डीपीओ को आवाज दी। ऐसे बुलाना डीपीओ को भी बुरा लगा। लेकिन चबूतरे के पास पहुंचते ही अध्यक्ष के साथ बैठे उनके पति भी जब डीपीओ से गैरवाजिब सवाल जवाब करने लगे तो डीपीओ भी अपना आपा गंवा बैठे। प्रत्यक्षर्दिशयों के अनुसार दोनों ने एक दूसरे के प्रति भद्दे-भद्दे शब्दों का उपयोग किया। दोनों पक्ष एक दूसरे पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते रहे। देखते ही देखते हंगामा बढ़ गया। दोनों पक्ष आपस में धक्का-मुक्की पर उतर आए। लेकिन इससे पहले ही दोनों कार्यालयों के कर्मचारियों ने मामला शांत कराकर दोनों को अलग किया।
इस मामले पर उबली जिप अध्यक्ष गीता देवी व उपाध्यक्ष ललिता झा ने अपने कक्ष में आनन-फानन में संवाददाता सम्मेलन बुलाकर कहा कि जिले के किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषाहार का वितरण नहीं हो रहा है। सीडीपीओ माहवारी कमीशन वसूल रही हैं। हम लोगों ने निरीक्षण में भी कई अनियमितताएं पाई थी। जिला परिषद से पत्र के माध्यम से डीपीओ को 21 अक्टूबर को ही अवगत कराया गया। फिर भी कार्रवाई नही हुई। आज जब उन्हें इसी संबंध में बुलाया गया तो अभद्र भाषा पर उतर आए। कहने लगे कि आपको जहां जाना है जाएं। सब जगह मैनेज है। इस मौके पर पार्षद राम कुमार झा, रघुजीत पासवान, अबुल खैर फराहाना खातुन, गौड़ी देवी, ममता देवी और उग्रनाथ झा भी थे।
इधर डीपीओ बालाकांत पाठक ने जिला अध्यक्ष गीता देवी व उपाध्यक्ष ललिता झा ककेसाथ किसी प्रकार की घटना से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के साथ मेरी किसी प्रकार की बातचीत ही नहीं हुई तो असंसदीय भाषा का आरोप कहां से लग गया। हां कुछ कुर्ता पजामा धारी पुरूष वहां थे। उन्होंने मुझ से अशिष्ट लहजे में बात की। मैं उन्हें पहचानाता भी नहीं कि वह कौन है। अगर कोई अनजान व्यक्ति अवैध ढंग से मेरे साथ दु‌र्व्यवहार करेगा तो मैं उसे सहन करुंगा। इसके बावजूद हंगामा या झड़प जैसी कोई घटना ही नही घटी।

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