
Exclusive: स्वास्थ कर्मियों के लापरवाही के कारण बेड रहते फर्श पर सोने को विवश मरीज। Voice of Darbhanga

दरभंगा: सरकार कितने ही दावे करे मगर सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की लापरवाह स्थिति को देखकर आंखे फटी की फटी रह जाती हैं. जी हां मामला है दरभंगा जिला के केवटी प्रखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की. जहां विगत दो साल पहले 6 बेड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को उत्क्रमित कर नये आलीशान सामुदायिक 30 बेड वाले स्वास्थ्य केन्द्र का उद्घाटन तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के द्वारा विडियो काफ्रेंस के माध्यम से किया गया था.

स्वास्थ्य केन्द्र को स्थानीय विधायक के प्रयास से 30 बेड आवांटित हुए थे. मगर वॉइस ऑफ़ दरभंगा के पड़ताल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की पोल खोल कर रख दी है. स्थानीय लोगों की शिकायत पर जब Voice of Darbhanga की टीम जब पहुंची तो देखा कि दूर दराज गांव से आए बेवश व लाचार मरीज अस्पताल के फर्श पर यत्र-तत्र लेटे हुए थे. 30 बेड के अस्पताल में जब बेडों की गिनती शुरू की तो अस्पताल कर्मियों के होश उड़ गए और पसीने छूटने लगे.

अस्पताल के कमरों में मात्र 6 बेड ही लगे थे. बाकी के 24 बेड अस्पताल कर्मियों की लापरावाही के कारण अस्पताल के एक रूम में धूल फाक रहे थे. इस लापरावाही पर अस्पताल कर्मी कैमरे के सामने कुछ भी खुलकर नहीं बोलना चाहते हैं.
इस 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मरीज स्वास्थ्य कर्मियों से बेड की मांग तो करते हैं मगर उन्हें इस कदर डाट फटकार कर चुप करा दिया जाता है कि वह दुबारा बेड की मांग करने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाते हैं. थक हार कर कुव्यवस्था में ही काम चलाने को मजबूर हो जाते हैं. मरीजों को इस बात की भी डर सताती है कि बेड की मांग करने पर उन्हें समुचित इलाज सुविधा से भी ना वंचित कर दिया जाय. इसलिए मरीज भी खुलकर कुछ भी बोलने से इंनकार कर देते हैं.
कुल मिलाकर कहा जाय तो स्वास्थ्य कर्मी के लापरवाही के कारण सभी बेड में जंग लग रहे हैं और मरीज फर्श पर सोने को विवश हैं।

