फिर मांगी दरभंगा जेल से रंगदारी, पुलिस ने जाल बिछा के पैसे सहित बिचौलिए को पकड़ा।

बिहार के दरभंगा जेल से इन दिनों आये दिन रंगदारी मांगने की सूचना पुलिस को मिल रही है कई बार लोग पकडे भी गए पर जेल से रंगदारी मांगने का धंधा रुकने के बजाय और फल फूल रहा है , मज़े की बात यह है कि जेल में बंद पुराने दबंग कैदी जेल जाने वाले नए कैदी से जेल के अंदर सभी तरह का सुविधा देने के नाम पर उनके परिवार से ये रंगदारी मांगते है , रंगदारी मांगने से पहले दबंग कैदी नए कैदी की पहले जेल में जमकर धुनाई करता है फिर अपने फोन से मार खाये कैदी के घर फोन कर उन्हें परिजन से बात करता है फिर पैसे की मांग करता है नहीं देने पर पिटाई के साथ जान मारने की धमकी भी दे डालता है।फलस्वरूप डरे परिवार के लोग जेल में बंद अपराधियो के सामने घुटने टेक देते है और उनके बताये लोगों को पैसा दे देते है अपराधी बतौर बाहर रंगदारी के पैसे वसूलने के लिए कई लोगो को बहाल कर रखा है।
दरअसल दरभंगा जिला के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के पतोर गांव निवासी संतोष कुमार साह के मोबाइल फोन पर एक कॉल आया जिसने अपना परिचय देते हुए तुरंत ही जेल में बंद संतोष के पिता से बात भी करा दी और पिता के साथ कोई अनहोनी ना हो इसके लिए रंगदारी के रूप में 5000 रुपये की मांग भी कर डाली मामले की गंभीरता देख संतोष साह ने इसकी सूचना पुलिस के बड़े अधिकारी को दिया जसके बाद पुलिस ने जाल बिछा कर पैसे लेने आये सक्स को रेंज हाथ पकड़ लिया, यह कोइ पहला मौका नहीं है जब पुलिस ने ऐसे रंगदारी मामले में गिरफ्तारी की इससे पहले भी गिरफ्तारियां होती रही है पर सवाल यह है कि सबसे सुरक्षित कहे जाने वाले जेल में मोबाइल कैसे आ जाता है और कब तक जेल के अंदर से यह गन्दा खेल खेला जाएगा ।
आज दरभंगा जेल से रंगदारी मांगने वाले सहयोगी को दरभंगा पुलिस ने लहेरियासराय बस स्टैंड से किया गिरफ्तार , गिरफ्तार हुए अपराधी के पास से रंगदारी में मांगे गए पांच हजार रुपया और एक मोबाईल भी जप्त किया ,पकड़ा गया अपराधी मंजीत कुमार लहेरियासराय थाना क्षेत्र के सैदनगर का रहनेवाला है पुलिस ने बताया कि मंजीत जेल में बंद प्रमोद दास और संतोष मिश्रा के इशारे पर रंगदारी में मांगी गयी राशि की उगाही कर उनके बताये ठिकाने पर पंहुचा देता है इस काम के लिए इसे अलग से पैसा मिलता है ।

