Home मुख्य गहबर विवाद: विधायक-पार्षद की पूजा के बाद रणक्षेत्र में तब्दील हो गया भड़वाड़ा बाज़ार। Voice of Darbhanga
मुख्य - October 27, 2016

गहबर विवाद: विधायक-पार्षद की पूजा के बाद रणक्षेत्र में तब्दील हो गया भड़वाड़ा बाज़ार। Voice of Darbhanga

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दरभंगा:  सिंहवाड़ा थानाक्षेत्र के भड़वाड़ा में गहबर जमीन पर आज पूजा के बाद रोड़ेबाजी पर दूसरे पक्ष के दर्जन भर से अधिक लोगों के द्वारा हमला के बाद दोनों ओर से हुई रोड़ेबाजी में दर्जनभर लोग जख्मी हो गए। भगदड़ में पूजा करने वाले दर्जनों श्रद्धालुओं को चोटें आई और आलम यह हो गया कि आसपास के दुकानदार अपना दुकान खुला छोड़ कर ही जान बचाकर भागे। बाद में एसडीओ गजेंद्र प्रसाद सिंह एवं एसडीपीओ दिलनवाज अहमद के नेतृत्व में बज्र वाहन के साथ आई पुलिस ने बलवाइयों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पूरे बाजार में सन्नाटा पसरा है लगभग एक घंटे तक दोनों ओर से हुई रोड़ेबाजी में बाजार रणक्षेत्र बना रहा। तीन बाइको को आग के हवाले कर दिया गया। पुरे मामले की जड़ पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सुबह करीब 9:00 बजे बड़ी संख्या में महिलाओं सहित अन्य श्रद्धालु गहबर की जमीन पर गाजे बाजे बजाते हुए पहुंच गए मौके पर तैनात पुलिस बल ने उन्हें जमीन के पास जाने से रोक दिया। कुछ देर बाद विधान पार्षद अर्जुन सहनी और विधायक जीवेश कुमार सहित सैकड़ों लोग बाजे गाजे के साथ गहबर की जमीन के पास गरबी दयाल गोनू झा का जयकारा लगाते हुए पहुंच गये। प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉक्टर शशि प्रकाश ने धारा 144 का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया तो सभी लोग वहीं धरना पर बैठ गए। भीड़ बढ़ती देख प्रशासन बौना पड़ता गया। अंत में अंचलाधिकारी के सहमति से विधायक एवं विधान पार्षद केवल मंदिर में पूजा करने गए।पूजा समाप्त होते ही बगल के एक कमरे में बैठे दूसरे पक्ष के एक दर्जन से अधिक लोगों ने लाठी डंडे और फरसा से भीड़ पर हमला कर दिया। इसके बाद दोनों ओर से रोड़ेबाजी शुरु हो गई। इस दौरान विधायक एवं विधान पार्षद अंगरक्षकों की मदद से वहां से निकलने में कामयाब हुए। मंदिर के बगल में स्थित एक झोपड़ी में लोगों ने आग लगा दी ग्रामीणों के हटने पर दूसरे पक्ष के हमलावर फिर उसी घर में छिप गए। लोगों ने घर को चारों ओर से घेर लिया लेकिन बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस बल में मची भगदड़ के कारण हमलावर घर से निकल कर भागने में सफल रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि हमलावरों ने पिस्तौल से दो चक्र गोली भी चलाई है हलाकि डीएसपी दिलनवाज अहमद इससे इनकार करते हैं।
इस पुरे मामले में अपने आधिकारिक व्हाट्सएप्प ग्रुप में प्रतिक्रिया देते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने लिखा है कि विधायक और विधान पार्षद ने एक व्यक्ति के पक्ष में धारा 144 लगे जमीन को कब्जा करवाने का प्रयास किया जिस कारण दूसरे पक्ष के लोग भड़क गए। पुलिस ने वहां पहुँच कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। कानून करवाई की जायेगी।
इस पुरे मामले में प्रतिक्रिया देते हुए जाले के भाजपा विधायक जीबेश कुमार ने पूरे मामले केलिए पुलिस प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेवार ठहराया है। विधायक श्री कुमार ने बताया कि 500 वर्षो से यहां पूजा हो रही थी और पुलिस द्वारा यहां 144 लगाना कहीं से भी उचित नही था। इसकेलिए उन्होंने दो दिन पूर्व भी प्रशासन से आग्रह किया था कि पूजा न रोका जाय और जनभावना को देखते हुए उन्होंने विधान पार्षद श्री सहनी के साथ पूजा करने का निर्णय लेकर इसकी लिखित सुचना पूर्व में ही दी थी। फिर भी मात्र एक सिमरी थाना को 3-4 कांस्टेबल के साथ वहां तैनात किया गया था। पुलिस पदाधिकारी पूजा के समय पुलिस बलों के साथ सिंहवाड़ा थाना पर आराम फरमा रहे थे। पुलिस बल की तैनाती यदि पूजा के समय से पूर्व ही रहती तो घटना टाली जा सकती थी। श्री कुमार ने सवाल उठाया कि 1987 में ही रजिस्ट्री कराने का दावा करने वाला चंद्रकिशोर यादव इतने दिन तक चुप क्यों था? उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रकिशोर यादव राजद का नेता है और अब जब राजद की सरकार आयी है तो प्रशासन की मिलीभगत से वह अवैध तरीके से लोगों के आस्था से जुड़े गहबर की जमीन को कब्जाने में जुटा है। पर गुंडई के बल पर 500 वर्षों से अधिक से लोगों के आस्था के केंद्र रहे गहबर की जमीन को कब्जाने का मंसूबा कामयाब नही होने दिया जाएगा

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