Home Featured सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच उलझे गैस उपभोक्ता।

सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच उलझे गैस उपभोक्ता।

दरभंगा। अभिषेक कुमार

इन दिनों रसोई गैस की किल्लत की खबरों और गोदामों पर गैस केलिए उमड़ी भीड़ ने गैस उपभोक्ताओं की चिंता को बढ़ा दिया है। वहीं सरकारी दावे किसी भी प्रकार की किल्लत की खबरों को खंडन करते हुए सबकुछ सामान्य होने का भरोसा आमजनों को दिलाते दिख रहे हैं। पर भरोसे केलिए जरूरी परिस्थितियां सरकारी तंत्र दिखा नहीं पा रहा है। पूर्व की तरह भेंडर द्वारा शहर में होम डिलीवरी नहीं हो रही है। मोबाइल पर पूर्व की तरह आसानी से नम्बर नहीं लग रहा है। नम्बर लग रहा है डीएसी नम्बर नहीं आ रहा है।

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डीएसी नम्बर की समस्या को देखते हुए दो दिन पूर्व जिला प्रशासन द्वारा प्रेस रिलीज जारी कर जानकारी दी गयी अब गैस केलिए ओटीपी की अनिवार्यता समाप्त कर दी गयी। पर गोदाम पर पहुंचे ग्राहक को बिना ओटीपी गैस नहीं दिया गया।

ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आमजन किस पर भरोसा करे, सामने दिख रही परिस्थितियों पर या सरकारी दावों पर। ऐसे में आमजनों में भरोसा दिलाने का शायद यही तरीका हो सकता है कि नम्बर लगने और होम डिलीवरी की सुविधा पहले की तरह बरकरार रखी जायेगी। इससे अफवाहों पर भी विराम लग सकता है।

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