
मैथिली जागरण: ‘गाम बजा रहल अछि’ अभियान का शुभंकरपुर में भव्य आयोजन।
दरभंगा: मिथिला की भाषा, संस्कृति व अस्मिता की रक्षा के लिए मैथिलानियों का संगठित प्रयास तेज हो रहा है। सखी बहिनपा मैथिलानी समूह ने ‘गाम बजा रहल अछि’ जनजागरण अभियान का पहला चरण 31 जनवरी से शुरू किया, जो ग्रामीण इलाकों में जोर-शोर से चल रहा है।

सोमवार को शुभंकरपुर में इसका भव्य आयोजन हुआ।अभियान ग्रामीण महिलाओं को मातृभाषा मैथिली, संस्कृति, परंपराओं व अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही है। पहले चरण में कोइलख, डोकहर, मंगरौनी, शीशो व शुभंकरपुर गांवों में जनसंपर्क व जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।‘मिथि रंग-लोकनाटिका’ टीम के फूलदेवी समूह ने नुक्कड़ नाटक के जरिए महत्वपूर्ण संदेश दिए। मांग की गई कि जनगणना में मैथिली को मातृभाषा दर्ज करें, मिथिला में इसे कामकाज की भाषा घोषित करें, प्राथमिक शिक्षा में लागू करें, मैथिली दूरदर्शन चैनल शुरू करें। साथ ही मैथिलानियों की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए विशेष ऋण-सहायता योजनाएं व सरकारी मैथिली दैनिक पत्र प्रकाशित करने की मांग उठी।

संस्था की संस्थापिका आरती झा ने संयोजन किया। उन्होंने कहा, “किसी समाज की मजबूती स्त्री शक्ति के सशक्तिकरण पर निर्भर है। यह अभियान लगातार चलेगा, ताकि मैथिली व मिथिला की समस्याएं घर-घर पहुंचें।”गांवों में लोगों का उत्साह देखकर लग रहा है कि मैथिली जागरण जनआंदोलन का रूप ले रहा है।

