
उच्च न्यायालय के फैसले से कंसी के विकास में बाधकों को मिला जवाब: अविनाश ठाकुर | Voice of Darbhanga

दरभंगा: किसी रोमांचक किक्रेट मैच की तरह सदर प्रखंड के कंसी पंचायत के मुखिया पद पर बरकरार सस्पेंस फिलहाल थम गया लगता है. पटना हाई कोर्ट के फैसले की प्रति दिखाते हुए सीपीएम के जिलामंत्री एवं वर्तमान कंसी के मुखिया चयनित विभा देवी के पति अविनाश ठाकुर ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से जनता ने विभा देवी पर विश्वास जताया और 89 वोट से मुखिया चयनित हुई. पर उनके प्रतिद्वंदी प्रत्याशी उषा देवी के पति पवन चौधरी ने अपने कार्यकाल में किये घोटाले पर हुए जांच आदेशों को देखते हुए अपने करतूतों पर पर्दा डालने केलिए किसी भी प्रकार मुखिया पद पाने केलिए बैचेन थे. परन्तु माननीय उच्च न्यायालय के डबल बेंच के 18 अक्टूबर को आये फैसले की प्रति आज उन्हें जो प्राप्त हुई है, इससे लोगों को भ्रमित करने वाले तत्वों को करारा जवाब मिला है.
श्री ठाकुर के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता राजीव रंजन ठाकुर ने बताया कि विभा देवी के चयन के विरुद्ध उषा देवी ने सीडब्लूजेसी ९९१८/१६ उच्च न्यालय के सिंगल बेंच में दायर किया था जिसे सिंगल बेंच ने स्वीकार करते हुए चौदह दिनों के रिटोटलिंग कराने का आदेश दिया था. इस आदेश के विरुद्ध विभा देवी ने उच्च न्यायालय के डबल बेंच में एलपीए १६३९/१६ दायर किया जिसके आलोक में डबल बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को स्थगित कर दिया था और सुनवाई के बाद 18 अक्टूबर सिंगल बेंच के फैसले को खारिज कर दिया. अधिवक्ता श्री ठाकुर ने बताया कि डबल बेंच ने अपने निर्णय में कहा है कि चुनाव के समापन के बाद का चुनाव संम्बन्धी विवाद के निपटारे का स्थान ट्रिब्यूनल है और यह उच्च न्यायलय के क्षेत्राधिकार में नही आता है. श्री ठाकुर ने बताया कि चूँकि श्रीमती उषा देवी ने प्रथम मुंसिफ में मामला वापस ले लिया और माननीय उच्च न्यायालय ने भी आदेश में निचली अदालत में जाने का कोई निर्देश नही दिया, इसलिए अब विभा देवी निर्विवाद रूप से कंसी पंचायत की मुखिया हैं.

