
पति को चोरी चकारी छोड़ने की सलाह देने के कारण बच्चों संग जिन्दा जला दी गयी रुखसाना! Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
कमतौल थाना क्षेत्र के टेकटार मुस्लिम टोला गांव में पत्नी समेत बच्चों को ज़िंदा जला देने के मामले में जो बातें प्रारंभिक तौर पर सामने आयी है उसके अनुसार पति को नेक बनने की सलाह देना 32 वर्षीय रुखसाना और उसके बच्चों के जान गंवाने का कारण बना। शौहर चोऱी चकारी का धंधा छोड़ मेहनत के लिए बाहर जाने की सलाह देना एक महिला को भारी पड़ गया। सलाह से कुढे़ शौहर ने बीवी के साथ दो बच्चों की हत्या कर घर में ही तीनों लाशों को फूंक दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल से बुधवार की सुबह तीन झुलसी हुई लाशें बरामद की हैं। घटना मंगलवार की देर रात करीब डेढ़ बजे की है। घटना के बाद आरोपी पति मो. हारूण फरार है। मरनेवालों में रुखसाना खातुन (32), चार वर्षीय दिलशाद और दो वर्ष की मासूम हेना शामिल है। दरभंगा के एएसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। मृतक रुखसाना की मां और फरार हारुण की सास रसूला बेगम का बयान पुलिस ने कलमबद्ध कर लिया है। प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
पुलिस को बताया है कि रात में करीब डेढ़ बजे उसके दामाद हारुण ने उसके मोबाइल पर रिंग कर कहा कि मैँने तुम्हारी बेटी और नाती, नतिनी को जलाकर मार डाला है। बचा सकती हो तो आकर बचा लो। यह खबर सुनते ही रसुला अपने पति मो. शमशुद्दीन के साथ अहले सुबह टेकटार पहुंची। वहां का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। उसने बताया कि हारुण उचक्का किस्म का व्यक्ति है। ट्रेन यात्रियों के सामान भी चोरी करता था। इसी मामले में वह चार माह पहले जेल गया था। हाल में ही जेल से छूटकर आया था। पत्नी रुखसाना उसे अपनी हरकतों से बाज आकर कोई अच्छा काम करने का सुझाव देती रहती थी।
रुखसाना अपने पति को काम के लिए दिल्ली या बंबई जाने के लिए कहती थी। इन बातों से हारुण पत्नी और बच्चों से कुढ़ा रहता था। अंतत: अच्छे काम की सीख देनेवाली पत्नी और मासूम बच्चों से भरे-पूरे परिवार को घर में ही जलाकर उसने खाक में मिला दिया।

