
दरभंगा में 31 बाल श्रमिकों को कराया मुक्त, नियोजक से 20 हजार रुपये की राशि वसूली।
दरभंगा: परिसदन में बुधवार को बाल श्रम उन्मूलन को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित हुई। बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, पुलिस विभाग और युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई।

उपाध्यक्ष सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक दरभंगा के विभिन्न प्रखंडों के प्रतिष्ठानों से कुल 31 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। सभी दोषी नियोजकों के खिलाफ थानों में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। प्रत्येक नियोजक से 20 हजार रुपये वसूल कर जिला बाल श्रम पुनर्वास कल्याण कोष में जमा किया गया, जबकि राशि न जमा करने वालों पर नीलामपत्रवाद शुरू हो गया।

मुक्त बच्चों का निकटवर्ती विद्यालयों में नामांकन कर शैक्षणिक पुनर्वास सुनिश्चित किया गया। श्रम विभाग ने प्रत्येक बच्चे को 3,000 रुपये की तत्काल सहायता दी। मुख्यमंत्री राहत कोष से 25,000 रुपये की राशि बच्चों के नाम सावधि जमा (एफडी) कराई गई, जो 18 वर्ष की आयु पर मिलेगी।परिवारों को राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और लेबर कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। सभी पदाधिकारियों को रोस्टर के आधार पर सप्ताह में कम से कम दो दिन प्रखंडों में धावादल चलाने के निर्देश दिए गए। जिले के ईंट-भट्ठों का सतत निरीक्षण कर बाल श्रम पाए जाने पर कठोर कार्रवाई का आदेश हुआ।

उपाध्यक्ष ने कहा, “बच्चे देश का भविष्य हैं। उनका स्थान स्कूल और खेल के मैदान में है, न कि होटल, गैराज या फैक्ट्री में।” बैठक में दरभंगा प्रमंडल के उप श्रम आयुक्त राकेश रंजन, प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, युवा रोजगार सहायक निदेशक, जिला नियोजन पदाधिकारी, जिला कौशल प्रबंधक और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे। बाल श्रम मुक्त दरभंगा बनाने का संकल्प दोहराया गया।

