
24 नवंबर को संसद के सामने किसान करेंगे विरोध प्रदर्शन। Voice of Darbhanga

दरभंगा: माकपा नेता विजयकांत ठाकुर, जिला सचिव मंटू ठाकुर एवं जिला किसान सभा के मंत्री श्याम भारती ने कृषि संकट के लिए केन्द्र व राज्य सरकार पर अनदेखी करने का आरोप लगाया है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों ही सरकार किसान विरोधी है। केन्द्र सरकार के नोट बंदी के कारण किसान खाद, बीज व डीजल भी नहीं ले पा रहे हैं। धान की बिक्री से जो रुपये प्राप्त हो रहा है उससे खेती कर रहे हैं। सरकारी स्तर पर धान की खरीद भी शुरू नहीं हुई है। इस कारण से किसान औने-पौने भाव में बेचने को मजबूर हैं। अधिकांश किसानों के पास बैंक में खाता नहीं है। ऐसी स्थिति में खेती करने के लिए रखे बड़े नोटों को बदलने में काफी परेशानी हो रही है। ऐसी स्थिति में कम खेती होने से पैदाबार के दाम में उछाल आएगा। यह सारा काम कालाधन को सफेद करने के लिए किया जा रहा है। कालाधन का मुख्य श्रोत भ्रष्टाचार है और वह पूर्व की तरह जारी है। मोदी के ढ़ाई वर्षो का कार्यकाल गरीब और किसान विरोधी रहा। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, पेंशन आदि योजनाओं की राशि में कटौती की गई है। कहा कि सारी समस्याओं को लेकर 24 नवंबर को संसद के सामने किसान प्रदर्शन कर विरोध जताएंगे।

