मानवता हुई तार तार, जुड़वा नवजात को कार्टून में बंद कर फेका, बच्चे की किलकारियां सुन लोगो की लगी भीड़, एक महिला ने दोनों बच्चे को अपनाया।

दरभंगा से अमित कुमार की रिपोर्ट
बिहार के दरभंगा में उस समय खलबली मच गयी जब सड़क किनारे पड़े कचड़े के पास से बच्चे की रोने की आवाज़ आरही थी , बच्चे की किलकारियां सुन लोगो की भीड़ जमा हो गयी, बच्चे की आवाज़ बंद पड़े एक कार्टून से आ रही थी तभी एक महिला ने हिम्मत कर आगे बढ़ी और कचड़े की ढेर पर परे कार्टून को खोला तो लोगो की आँखे खुली की खुली रह गयी दरअसल कार्टून में एक नहीं बल्कि दो नवजात एक साथ रखे थे, नवजात शिशु में एक लड़का तो एक लड़की है और सबसे अच्छी बात यह है कि दोनों बच्चे अभी जिन्दा है,
कहते है मारनेवाले से बचानेवाला बड़ा होता है ऐसी ही कहावत चरितार्थ होता दिखा जब दो नवजात शिशु को मरने के लिए सड़क किनारे फेंक दिया पर एक महिला ने उसे बचा कर ना सिर्फ नवजात की जान बचाई बल्कि उसे अपनाने के लिए भी तैयार है बच्चे को अपनानेवाली महिला रानी देवी यू तो है बेहद गरीब लेकिन दिल की इतनी आमिर की बच्चे को अब अपने संतान की तरह पालन पोषण करना चाहती है हलाकि की महिला पहले से ही निसंतान है ऐसे में बच्चे को भगवान् का दिया प्रसाद समझ मान रही है ,बच्चे को अपनी ममता का छाव दे रही महिला अब किसी को देने को तैयार नहीं यहाँ तक की मौके पर पहुची पुलिस को भी नहीं हलाकि मौके पर पहुची पुलिस ने बच्चे की समुचित इलाज़ के लिए महिला को समझा बुझा कर दरभंगा अस्पताल ले जाने में कामयाब रही , तत्काल बच्चा पुलिस की अभिरक्षा और कथित माँ की सुरक्षा में दरभंगा अस्पताल पहुच गया जहा उसकी समुचित इलाज़ किया जा रहा है मामला बेंत थाना अंतर्गत DMCH परिसर के पास का है जहा देर शाम किसी ने बच्चे को कार्टून में बंद कर सड़क किनारे मरने के लिए फेंक दिया, हलाकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि बच्चे को अस्पताल से लाकर फेंक गया कि किसी नर्सिंग होम से , पुलिस अब मामले की जांच तो सुरु कर दू पर अभी कैमरे पर कुछ भी कहने से परहेज़ कर रही है ।

