
विरोध की राजनीति से नही बल्कि धरातल पर सकारत्मकता के साथ अपनी पहचान बनायी है अमित ने। Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
जिला भाजपा में इनदिनों कुछ युवा नेताओ ने काफी आक्रमक और विरोधी तेवर दिखाये। पर इस आक्रमकता में वे अनुशासन भूल कर जिलाध्यक्ष समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं का विरोध करने लगे। 4-5 लोगो का गैंग बना कर सोशल मीडिया और लाइक,कमेंट, शेयर का खेल खेलकर गफलत में खुश होते रहे। कुछ पार्टी के अंदर के नेताओ ने इस विरोध को भुनाया पर इन्हें जोकर से ज्यादा कुछ नही समझा।
परंतु इन सबसे अलग भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अमित झा की बात ही कुछ अलग है। Voice of Darbhanga से एक्सकलुसिव बातचीत एवं पड़ताल में भी इनकी छवि आजकल के फेसबुकिया युवा नेता की नही, बल्कि धरातल पर खड़े गम्भीर व्यक्तित्व के रूप में दिखी। फर्जी फेसबुकिया फोटोग्राफी कर लाइक कमेंट ले लेने वाले कथित युवा नेता बनने का शौक नही, बल्कि पार्टी के नेताओ-कार्यकर्ताओं के साथ धरातल पर खड़े होना, पार्टी केलिए धरातल पर कार्यक्रम करना आदि से अपनी पहचान बनायी है इन्होंने। पार्टी का अनुशासन इनके लिए सर्वोच्च होता है। यदि कभी पार्टी के अंदर इन्हें कोई तकलीफ महसूस होती है तो सार्वजनिक रूप से नही, बल्कि नेतृत्व दल से संवाद पार्टी के अंदर करते हैं। पार्टी में पद पर बैठे नेताओं की गरिमा बनाये रखना ये अपनी जिम्मेवारी समझते हैं। इनका कहना है कि यदि ये पार्टी के किसी पदासीन वरीय नेता का सार्वजनिक विरोध करते हैं तो वे कभी सर्वसम्मत नेता नही बन पाएंगे। किसी को गिरा कर या अपने ही दल के नेताओ का विरोध कर आगे बढ़ने की राजनीति नही, बल्कि अपने स्वविवेक एवं कार्य के बल पर आगे बढ़ने की सोच रखते हैं अमित झा। इनके अनुसार कि इन्हें अपने पार्टी के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास है। कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को हमेशा पार्टी में उचित स्थान मिलता है। कभी कभी देर हो जाती है, पर इसका मतलब यह नही कि हम अपने ही दल का विरोध करने लग जाएं। हमे अपने कार्य को निरंतर आगे बढ़ाते रहना चाहिए।

