
ग्रामीण बैंक के सुनहरा सपना केंद्र के खाताधारियों का पैसा फसने पर जनप्रतिनिधियों ने लिया संज्ञान। Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के बिजनेस कॉरेसपॉंडेंट माध्यम से चल रहे ग्रामीण क्षेत्रो में सुनहरा सपना केंद्र के खाताधारियों के बीच हाहाकार मचा हुआ है। प्रबन्धन से मांगो को लेकर केंद्र संचालक लगातार हड़ताल पर हैं। जिस कारण गरीबो के वृद्धावस्था, मनरेगा, शौचालय आदि के साथ साथ निजी व्यय के पैसे भी नही मिल रहे हैं। लोगो के बीच हाहाकार मचा हुआ है और प्रबन्धन ग्राहकों के इस मानवाधिकार की हत्या पर मौन बना हुआ है। ये सभी केंद्र ग्रामीण बैंक के किसी न किसी शाखा से लिंक होते हैं और उस शाखा से भी ग्राहकों का पेमेंट किया जा सकता है। पर बोझ बढ़ जाने के कारण शाखा के कर्मी सीधे कह दे रहे हैं कि इन खाताधारियों का पेमेंट संभव नही है। यह उपभोक्ता अधिकारों के साथ साथ मानवधिकारो का भी हनन है। इस मुद्दे पर प्रशासन के किसी पदाधिकारी के द्वारा अभी तक कोई संज्ञान नही लिया गया। पर जनता के बीच रहने जनप्रतिनिधियों ने अब कड़ा संज्ञान लेना शुरू कर दिया है।
इसी मुद्दे पर अपने पंचायत के लोगो की शिकायत पर शुक्रवार को ग्रामीण बैंक के आरएम से मिलने पहुँचे बहादुरपुर प्रखण्ड के मुखिया संघ के महासचिव सह प्रेमजीवर के मुखिया जिशान फारूकी ने बताया कि उनके ही पंचायत में करीब दो हज़ार लोगों का खाता इस केंद्र के तहत खुला हुआ है। लोग सुबह शाम अपनी वेदना लेकर पहुँच जाते हैं। उनकी वेदना भी जायज है। आज उनके साथ पंचायत समिति सदस्य पंकज पासवान आरएम से मिले पर कोई ठोस पहल उनकी तरफ से नही दिखाई दी और बस इतना ही कहा कि वार्ता हो रही है। ग्रामीण बैंक के शाखा से भुगतान कराने से उन्होंने मना कर दिया। इसपर उन्होंने कहा कि सुनहरा सपना केंद्र के संचालक के निजी बैंक में नही, लोगो ने ग्रामीण बैंक के भरोसे पर खाता खुलवाया। अतः बैंक का फर्ज बनता है कि लोगो का पैसा जल्द से जल्द दिलवाएं। इस पर आरएम बस टाल मटोल कर गए।
मुखिया श्री फारूकी ने बैंक प्रबन्धन को चेतावनी देते हुए कहा कि होलि से पूर्व यदि सारा भुगतान नही हुआ तो बहादुरपुर प्रखण्ड के 23 पंचायत के जनप्रतिनिधि सभी पंचायत के हज़ारो लोगो के साथ रीजनल शाखा का अनिश्चितकालीन घेराव भी कर सकते हैं और इसकी सारी जवाबदेही बैंक प्रबंधन की होगी।

