
देर रात रोड एक्सीडेंट में गंभीर जख्मी के इलाज़ में सामने आया डीएमसीएच कर्मियों का अमानवीय व्यवहार। Voice of Darbhanga

दरभंगा: लहेरियासराय थाना क्षेत्र के आदर्श मध्य विद्यालय के निकट मंगलवार देर रात्रि करीब साढ़े ग्यारह बजे एक काली रंग की पल्सर बाइक बिजली के खम्भे से टकरा गई। बाइक पर सवार दो युवक बुरी तरह जख्मी होकर सड़क पर बेहोश पड़े थे। बाइक का नंबर BR O7W- 3689 है। स्कोर्पियो से स्टेशन से लौट रहे स्थानीय खजसराय निवासी जय कामत एवं चन्दन कुमार की नजर पड़ी तो उसे उठा कर डीएमसीएच ले गए। डीएमसीएच में इलाज़ में कर्मी काफी आनाकानी करने लगे। सीटी स्कैन की जरूरत बताया। पर सीटी स्कैन पहले रात में करने से इंकार कर दिया। साथ गये युवकों ने जब जोर दिया तो कर्मी ने कहा कि पहले पैसा जमा कीजिये तब होगा। उन युवकों ने कहा कि इनके परिजन आएंगे तो पैसा देंगे, पर आप इलाज़ मत रोकिये। इस पर अस्पताल कर्मी ने अमानवीयता का परिचय देते हुए सीधे कह दिया कि ऐसे पेशेंट पड़े रहते हैं। तब युवकों ने अपने पास से तत्काल पैसे जमा कराये और इलाज केलिए कहा। तब जाकर इलाज़ शुरू हुआ। इलाज़ शुरू होने के बाद एक घायल के परिजन पहुंचे। पर उनलोगों ने मदद केलिए इन मददगारों को रुकने केलिए कहा। अंजान घायलों की मदद में ये दोनों डीएमसीएच में लगे रहे और सच्चे मानवीय मूल्यों का परिचय दिया। घायलों में एक युवक लहेरियासराय गुदरी बाज़ार जबकि दूसरा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के निवासी बताये जाते हैं।
इस घटना में कुछ युवकों का सेवा भाव काम आया और हॉस्पिटल पहुंचा कर पैसे देकर इलाज़ शुरू हुआ। पर ऐसे एक बड़ा सवाल रह गया कि यदि हादसे में गंभीर रूप से घायल यदि किसी व्यक्ति को कोई डीएमसीएच पहुंचाता है और उसके परिजन यदि समय पर पैसे लेकर नही पहुंचे तो मरीज की मौत इलाज़ के आभाव में होते रहेगी?

