
2 करोड़ रुपए का लोन फ्रॉड: असिस्टेंट मैनेजर समेत गिरोह का खुलासा, फरार प्रबंधक पर शिकंजा।
दरभंगा: इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) की दरभंगा कटहलवाड़ी शाखा के असिस्टेंट मैनेजर रवि राघवेंद्र को प्रधानमंत्री खाद्य प्रसंस्करण योजना के तहत 2 करोड़ रुपये के फर्जी लोन फ्रॉड मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। साइबर डीएसपी बिपिन बिहारी ने बताया कि आरोपी ने बंद पड़ी कंपनी में फंड ट्रांसफर किए थे। गिरफ्तार आरोपी ने अपना बयान दर्ज कराते हुए शाखा प्रबंधक रविश चंद्रा पर दबाव का आरोप लगाया।

कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के केवटगामा गांव निवासी राजकिशोर राय की शिकायत पर 15 मार्च 2026 को साइबर थाना में एफआईआर दर्ज हुई। राजकिशोर ने बताया कि उन्हें लोन मिला ही नहीं, फिर भी बैंक अधिकारी किस्त वसूलने पहुंच गए। जांच में उनके नाम पर 18 लाख रुपये का फर्जी लोन पास होना सामने आया, जबकि उनकी मिठाई दुकान अस्तित्व में ही नहीं थी।

सबसे पहले विपिन पासवान को गिरफ्तार किया गया। उसके घर से फर्जी दस्तावेज, लोन पेपर और इंटरप्राइजेज से जुड़े कागजात बरामद हुए। पूछताछ में पता चला कि विपिन और उद्योग विभाग के कृष्णा पासवान बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी लोन पास करवाते थे। लोन राशि विपिन के एक्सिस बैंक करंट अकाउंट में जाती, फिर चमड़े के बैग बनाने वाली बंद कंपनी में ट्रांसफर हो जाती। चार महीनों में 2 करोड़ के ट्रांजेक्शन पकड़े गए। अब तक 14 फर्जी लोन की पुष्टि हुई है।
रवि राघवेंद्र ने बयान में कहा कि 2023 में दरभंगा पोस्टिंग पर आने के बाद स्टाफ कमी के कारण उन्हें क्रेडिट काम सौंपा गया। मैनेजर रविश चंद्रा के दबाव में बिना जांच के दस्तावेज साइन किए। कृष्णा कुमार (डीआरपी), विपिन आदि नियमित आते थे। सेंट्रल ऑफिस जांच में उनकी अक्षमता उजागर हुई।
पीड़ित की कहानी: राजकिशोर बिहार से बाहर काम करते हैं। ब्रजेश चौपाल ने लोन का लालच देकर आधार-पैन पर साइन कराए, सिम जब्त किया। बाद में किस्त मांगने पर फ्रॉड खुला। आरोपियों ने 3 लाख रिश्वत और 70 लाख सब्सिडी का लालच दिया, विरोध पर धमकी दी।
गिरोह में चार मुख्य आरोपी: विपिन पासवान गिरफ्तार, कृष्णा पासवान व रविश चंद्रा (वर्तमान अरवल शाखा) फरार। डीएसपी ने उद्योग विभाग से डाटा लेने की बात कही। फरारों की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश के लिए छापेमारी तेज।

