
प्रेमी संग भागी पत्नी ने पति को पहचानने से किया इंकार। Voice of Darbhanga

दरभंगा: समय-समय पर यह कहावत चरितार्थ हो उठता है कि प्रेम अंधा होता है। लेकिन, सामाजिक बंधन में पूर्व से ही बंधी जोड़ी जब टूटकर नई जोड़ी बनाती है तो यह अजब कहानी बन जाती है। मतलब दो शादीशुदा प्रेमी प्रेम में इतने अंधे हो जाएं कि एक अपने रिश्ते के चाचा व दोस्त और दूसरे अपने पति तक को नहीं पहचाने तो यह अपने आप में गजब कहानी बन जाती है। यह वाकया बहादुरपुर थाना के पतोर ओपी क्षेत्र के उस्मामठ का है। जहां के रामभरोस यादव की शादी नमीता देवी से 4 साल पहले हिन्दु रीति-रिवाज से हुई। रामभरोस को अपनी पत्नी पर खूब भरोसा था। इस बीच उसे दो बच्चे भी हुए लेकिन, संतान सुख नहीं मिल पाया। इनके दोनों बच्चे भगवान को प्यारे हो गए। इसके बाद दोनों की जिंदगी में एक तूफान आ गया। गांव के ही रामभरोस के दोस्त व रिश्ते में भतीजा मनोज यादव का उसके घर आना-जाना शुरू हो गया। घर पर आने-जाने के क्रम में मनोज का रामभरोस की पत्नी नमीता से टांका भिड़ गया। दोनों एक दूसरे को दिलोजान से चाहने लगे। मौका मिलते ही नमीता अपने पति के दोस्त व रिश्ते के भतीजा मनोज के साथ पांच महीने पहले भागकर दिल्ली चली गई। इसको लेकर रामभरोस ने पतोर ओपी के माध्यम से बहादुरपुर थाना में मनोज व उसके परिजनों के विरूद्ध अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई। इस घटना के बाद गांव के लोग मनोज व नमीता के विरूद्ध खासा गुस्से में थे। सोमवार को ग्रामीणों को पता चला कि मनोज लहेरियासराय में नमीता के साथ आया हुआ है तो उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
मनोज की गिरफ्तारी के बाद उसकी पहली पत्नी, सास, ससुर व नमीता का पति व नमिता एएसपी दिलनवाज अहमद के कार्यालय पहुंचे। पूछने पर नमीता ने अपने पहले पति रामभरोस को पहचानने से साफ इंकार कर दिया। कहा कि मैं इस आदमी को कभी नहीं देखी। मेरा इनके साथ कोई संबंध नहीं है। मैं तो अपने पति मनोज के साथ ही रहूंगी। मैंने इनके साथ मंदिर में पांच महीने पहले शादी की है और मैं इनके बच्चे की मां भी बनने वाली हूं। यह सुनकर रामभरोस के होश उड़ गए। उसने आधार कार्ड समेत कई सबूत दिए जिसमें नमीता के पति के नाम की जगह स्पष्ट रूप से रामभरोस लिखा हुआ है। लेकिन, नमीता कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी।

