
मिथिला के बुद्धिजीवियों ने किया जानकी नवमी को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान। Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
सीता के अस्तित्व पर सवाल का जवाब किसी धरना प्रदर्शन या माफ़ी मंगवाने से नही होगा। बल्कि मिथिला से जुड़े सभी संगठन पार्टी या जाति धर्म की भावना से ऊपर उठ कर एकसाथ मिलकर जितने भी मंदिर है, उन सभी में 4 मई जानकी नवमी के दिन विशेष पूजा अनुष्ठान करें।
उपरोक्त बातें वॉइस ऑफ़ दरभंगा से हुए बातचीत में कहते हुए जदयू विधायक सह बिहार विधान सभा प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति के सभापति अमरनाथ गामी ने कहा कि जानकी नवमी को विशेष जुलुस एवं शोभा यात्राएं निकाली जाय। मंदिर ही नही, हर घर में एक एक मिथिला वासी उस दिन माँ जानकी की पूजा अवश्य करे, तभी माँ जानकी के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले को करारा जवाब मिलेगा।
इस पर वॉइस ऑफ़ दरभंगा को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मिथिला के प्रसिद्द साहित्यकार मणिकांत झा ने अपने मैथिल अंदाज में सवाल उठाने वाले और उस पर चुप्पी साधने वाले को सटीक जवाबे देते हुर कहा कि “राम लेल हल्ला आ सीता भेली बेलल्ला!”
मिथिला राज्य निर्माण सेना के संयोजक रंगनाथ ठाकुर ने श्री गामी के आह्वान का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया में पोस्ट शेयर करते हुए कहा है कि माँ सीता मिथिला के कण कण में बसी हुई है। साथ ही साथ हर मैथिल के हृदय में बसी हुई है। यदि इसे मापने का कोई यंत्र हो तो आकर माप ले।

