
मिथिला में मौजूद है विकास की असीम संभावनायें : प्रो. यादव। Voice of Darbhanga

दरभंगा: मिथिला क्षेत्र का विकास चुनौती और संभावनायें विषय पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्रातकोत्तर भूगोल विभाग में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में रविवार को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. बी. मुनि यादव ने कहा कि मिथिलांचल में विकास की असीम संभावनायें है. लेकिन चुनौतियां भी है. उन्होंने इसे रेखांकित करते हुए कहा कि विकास के लिए नदियों के गाद प्रबंधन पर बल दिया. उन्होंने कहा कि मिथिला क्षेत्र में खासकर मक्का की फसलों के उत्पादन पर विशेष ध्यान देना चाहिए. सत्र को प्रो. जे. भगत, भूगोल विभागाध्यक्ष, हजारीबाग विश्वविद्यालय ने कहा कि मिथिला के विकास में यहां की मिथिला पेंटिंग एक अहम रॉल अपना सकती है. यह क्षेत्र पान-मखान और फल उत्पादन में भी अग्रणी हो सकती है. इस मौके पर अलग-अलग क्षेत्रों से 100 शोधकर्ता ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया. जिसमें प्रो. अनुराग, रंधीर प्रसाद रणवीर, प्रो. अमरेश भगत, प्रो. टी.एन. झा, प्रो. बी.के. सिंह, प्रो. जे.एन. राय, डॉ. राम नरेश कुशवाहा आदि मुख्य रूप से शामिल थे.

