
मिथिला विश्वविद्यालय का बजट 15 अरब से अधिक अनुमोदित, नए कोर्स से छात्र आत्मनिर्भरता का लक्ष्य।
दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की वार्षिक सीनेट बैठक गुरुवार को आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का कुल बजट 15 अरब 29 करोड़ 73 लाख 35 हजार 652 रुपये सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

विश्वविद्यालय की आंतरिक आय का अनुमान 1 अरब 81 करोड़ 29 लाख 16 हजार 836 रुपये है, जिसके चलते सरकार से करीब 13 अरब 49 करोड़ रुपये के घाटे की पूर्ति का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
बैठक का उद्घाटन कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने किया। शुरुआत में बेनीपुर विधायक व सीनेट सदस्य विनय चौधरी ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दिन बैठक बुलाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि बैठक जरूरी थी, तो इसे सीएम कार्यक्रम के बाद आयोजित किया जाना चाहिए था।
बजट पारित होने के बाद कुलपति ने मीडिया से कहा कि नए शैक्षणिक सत्र से फॉरेंसिक विज्ञान, साइबर सुरक्षा एवं एआई कौशल विकास पर आधारित सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, स्नातक व स्नातकोत्तर कोर्स शुरू होंगे। इनका उद्देश्य छात्रों को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि 2032 तक विश्वविद्यालय के छात्र स्वावलंबी बन सकें।

कुलपति ने बताया कि ये कोर्स आधुनिक तकनीक व साइबर क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए उपयोगी होंगे तथा सरकारी-निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।वित्तीय घाटे के बावजूद कुलपति ने सभी विभागों व छात्र हित में नए कार्यक्रमों व सुधारों का आश्वासन दिया।


